नई दिल्ली: एनआईए अधिकारी तंजील अहमद की हत्या के मामले में एक शख्स को हिरासत में लिया गया है. ये शख्स तंजील अहमद का रिश्तेदार और हत्याकांड के आरोपी का सहयोगी भी है. बताया जा रहा है कि तंजील अहमद की हत्या जमीन विवाद को लेकर हुई थी. पुलिस पूछताछ कर रही है, हालांकि अभी तक मुख्य आरोपी गिरफ्त से बाहर है.
 
पुलिस ने बताया तंजिल अहमद का कत्ल 7 लाख के प्लॉट को लेकर हुई थी. पुलिस सूत्रों का कहना है कि हत्या में किसी भी तरह से आतंकी साजिश की बात सामने नहीं आई है. 
 
‘गोलियां तब तक मारीं जब तक मर नहीं गए’
एनआईए के अफसर तंजील अहमद की मौत के बाद पहली बार उनके बच्चों ने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने बताया कि वह जब भी वह पल याद करते हैं तो उनकी रुह कांप जाती है. उन्होंने बताया कि उनके पिता को तब तक गोलियां मारी गई जब तक की उनकी जान नहीं निकल गई. इस बीच उनकी बेटी जिमनिश और बेटा शाहबाज कार की पिछली सीट पर दुबके हुए थे. बेटी जिमसिन कहती हैं, हम रास्ते में हंसी-मजाक करते हुए जा रहे थे. तभी एक बाइक सामने आई और गोलियां बरसाने लगे. पापा ने मुझसे कहा कि हेड डाउन कर सीट के पीछे छिप जाओं. बेटी ने आगे बताया कि वे गोलियां चलाते जा रहे थे और इस मम्मी के ऊपर भी गोलियां चलाई गई. मुझे ठीक से याद है कि पापा मम्मी की सीट की तरफ झुककर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे थे. हैरान करने वाली बात बताई कि गोलियां खत्म हो गईं, तब भी वे मारते गए और बंदूक में फिर गोलियां भरकर गोलियां दागी.
 
निजी रंजिश हो सकती है तंजील की हत्या
एनआईए के अफसर तंजील अहमद की मौत की जांच कर रही यूपी पुलिस का कहना है कि जांच में यह इशारा मिल रहा है कि तंजील की हत्या का कारण आपसी रंजिश भी हो सकती है. मामले की पड़ताल करने में जुटी पुलिस ने हालांकी टेरर एंगल से भी जांच जारी रखी है.यूपी के लॉ एंड ऑर्डर विभाग के एडीजी दलजीत सिंह चौधरी ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है. जल्द ही केस सोल्व भी कर लिया जाएगा. 
 
अहमद को मारने वालों में एक AMU का छात्र
एनआईए के अफसर तंजील अहमद की मौत पर जांच एजेंसियों ने बुधवार को एएमयू के पूर्व छात्र समेत दो शूटरों को हिरासत में लिया है. सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध कबूला है. तंजील के गांव के ही एक करीबी ने दिल्ली में दुकान पर कब्जे की रंजिश को लेकर भाड़े के शूटरों से हत्या करवाई. गुरुवार को इस हत्याकांड़ का खुलासा हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिया गया मुनिर बिजनौर का हिस्ट्रीशीटर है. वह एएमयू का पूर्व छात्र है. हिरासत में लिया गया दूसरा व्यक्ति मुनिर के साथ रिजवान है. जांच से जुड़े एक आधिकारी का दावा है कि मुनिर ने हत्या किया जाना कबूल किया है. तंजिल के गांव के ही एक शख्स ने मुनिर को पैसे देकर यह हत्या करवाई थी.
 
क्या था मामला?
एनआईए के अफसर तंजील अहमद को दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इंसपेक्टर अपनी पत्नी के साथ उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक शादी में शामिल होकर लौट रहे थे. अहमद और उनकी पत्नी को शनिवार रात सहसपुर शहर के करीब दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी. हमलावर मोटरसाइकिलों पर सवार थे और उनका पीछा करते आ रहे थे. गोलीबारी की इस घटना में उनकी पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं. उन्हें मुरादाबाद के कॉसमॉस अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वो अभी भी अस्तपताल में हैं