श्रीनगर. केंद्र सरकार के तीन अधिकारियों के एक दल ने कश्मीर के एक अभियंत्रण कॉलेज का दौरा किया. इस कॉलेज में स्थानीय और गैर-स्थानीय छात्रों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई है. इस तनाव ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली नवगठित गठबंधन सरकार के लिए पहली बड़ी चुनौती पेश कर दी है.
 
केंद्रीय मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय के निदेशक संजीव शर्मा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय टीम ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के अधिकारियों एवं प्रदर्शनकारी गैर स्थानीय छात्रों से मुलाकात की. ये छात्र दो दिनों से कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं. इनका आरोप है कि जब ये भारत समर्थक नारेबाजी करते हुए सड़कों पर प्रदर्शन करना चाह रहे थे तो जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इन्हें लात-घूसों से मारा. घटना के बाद एनआईटी परिसर के भीतर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को तैनात कर दिया गया है.
 
परीक्षा तक टीम वहीं रहेगी: ईरानी
इस केंद्रीय दल को मंगलवार को हुई झड़प के कारणों का पता लगाने के लिए कहा गया है. छात्रों ने आशंका जताई कि 11 अप्रैल से शुरू हो रही परीक्षाओं उनके साथ अनुचित व्यवहार हो सकता है. इस पर मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने सूरत में कहा कि परीक्षा समाप्त होने तक यह टीम वहीं रहेगी. परिसर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है. 
 
क्या था मामला?
NIT कैम्पस में 31 मार्च को तनाव शुरु हुआ जब कुछ कश्मीरी छात्रों ने टी 20 वर्ल्डकप के सेमीफाइनल मुकाबले में भारत पर वेस्टइंडीज की जीत की खुशी में पटाखे जलाए. इसके अगले दिन कुछ छात्रों ने शुक्रवार की नमाज अदा करके लौट रहे कश्मीरी छात्रों की पिटाई कर दी. सुरक्षाबलों ने कैम्पस में छात्रों के दो गुटों को खदडऩे के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. इसके बाद ‘भारत माता की जय’ बोलने से इंकार करने पर छात्रों ने एक कश्मीरी युवक की कथित रूप से पिटाई कर दी जिसके बाद से एनआईटी कैम्पस में स्थिति तनावपूर्ण है. हुर्रियत कांफ्रेंस समेत अलगाववादी संगठनों ने कश्मीरी छात्रों पर हमला करने के लिए गैर कश्मीरी छात्रों की आलोचना की.
 
4 अप्रैल तक कक्षाएं रद्द
मैच के एक दिन बाद गैर कश्मीरी छात्रों ने ‘भारत माता की जय’, ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला. इसके बाद स्थानीय छात्र भी जमा हुए और आजादी के समर्थन में और भारत के खिलाफ नारेबाजी की. इससे उपजे तनाव को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने चार अप्रैल तक कक्षाएं रद्द कर दीं. इसी बीच मंगलवार को करीब 500 गैर स्थानीय छात्रों ने तिरंगा झंडा लिए और ‘भारत माता की जय’ नारेबाजी करते हुए मार्च निकाला. पुलिस ने उन्हें परिसर के मुख्य द्वार पर ही रोक दिया था.