श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) में मंगलवार शाम पुलिस लाठीचार्ज में कई गैर कश्मीरी छात्रों के घायल होने के बाद केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान अब भी संस्थान के अंदर तैनात है. बताया जा रहा है कि कैंपस में अभी तक तनावपूर्ण स्थिति है. इसी बीच केंद्रीय मानव संसाधन विकास (HRD) मंत्रालय की ओर भेजी गई दो सदस्यीय टीम ने कैंपस में पहुंचकर हालात का जायजा लिया.
 
टीम ने संस्थान के अधिकारियों के साथ मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की. इस बीच कश्मीर के बाहर से आए छात्रों ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए उनके समक्ष अपनी 5 मांगें रखीं. 
 
छात्रों से HRD टीम ने की बात 
एचआरडी की भेजी दो सदस्यीय टीम में एचआरडी मंत्रालय में निदेशक (तकनीकी शिक्षा) संजीव शर्मा और उप-निदेशक वित्त फजल महमूद शामिल हैं. HRD मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि हालात को लेकर उन्होंने जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से फोन पर बात की. उन्होंने जांच टीम का हवाला देते हुए कहा कि टीम के सदस्यों ने NIT कैंपस में करीब 500 छात्रों से हालात को लेकर बातचीत की. बाहरी छात्रों ने NIT को दूसरे जगह शिफ्ट करने की मांग की, जबकि स्थानीय छात्रों ने इसका विरोध किया.
 
‘किसी के साथ नहीं होगा अन्याय’
केंद्रीय मानव संसधान मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि सभी छात्र सेफ रहेंगे और किसी के साथ अन्याय नहीं होंने दिया जाएगा. ईरानी ने जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बात की है और महबूबा ने उन्हें आश्वास्त किया है कि संस्थान के सभी छात्र सुरक्षित रहेंगे और किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा. ईरानी ने बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों को संस्थान के हालात का जायजा लेने के लिए भेजा.
 
‘सुरक्षित वातावरण में होगी परीक्षा’ 
स्मृति ईरानी ने कहा कि पहली नजर में राज्य में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है. इसी के मद्देनजर उन्होंने महबूबा मुफ्ती से भी बात की. केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि NIT श्रीनगर में सुरक्षित वातावरण में परीक्षा होगी. छात्रों को कोई दिक्कत नहीं होगी. साथ ही उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
 
कांग्रेस ने की न्यायिक जांच की मांग 
जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस ने श्रीनगर एनआईटी की घटना की समयबद्ध न्यायिक जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि बुधवार शाम तक इस मामले पर सरकार का कोई साफ बयान नहीं आता है तो जल्द ही पार्टी का तथ्यान्वेषी दल मौके पर जाएगा. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने छात्राओं समेत एनआईटी के विद्यार्थियों पर पुलिस लाठीचार्ज की घटना की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस, स्थानीय प्रशासन और NIT प्रशासन की जवादेही तय करने के लिए पूरे मामले की हाईकोर्ट के न्यायाधीश से समयबद्ध जांच कराने की मांग की.
 
गृह मंत्री ने की CM से बात
केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने एनआईटी में स्थिति के बारे में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बातचीत की. मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने दो सदस्यीय दल को NIT भेजा है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीआरपीएफ जवानों को हजरतबल में NIT कैम्पस में तैनात किया गया है.
 
पुलिस प्रवक्ता की सफाई
पुलिस प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि NIT श्रीनगर के करीब 500 छात्र भीड़ की शक्ल में बैनर लिए हुए मार्च निकालने लगे और रोड पर मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंच गए. छात्र मुख्य सड़क पर आने का प्रयास करने लगे. पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोका और वापस जाने के लिए कहा. छात्रों की भीड़ अधिकारियों समेत पुलिस कर्मियों से झड़प करने लगी और पथराव शुरु कर दिया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. 
 
थाने में मामला दर्ज
पुलिस ने इस संबंध में निगीन पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरु कर दी है. स्थिति अब नियंत्रण में है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और वे स्थिति की निगरानी कर रहे है. 
 
क्या था मामला?
NIT कैम्पस में 31 मार्च को तनाव शुरु हुआ जब कुछ कश्मीरी छात्रों ने टी 20 वर्ल्डकप के सेमीफाइनल मुकाबले में भारत पर वेस्टइंडीज की जीत की खुशी में पटाखे जलाए. इसके अगले दिन कुछ छात्रों ने शुक्रवार की नमाज अदा करके लौट रहे कश्मीरी छात्रों की पिटाई कर दी. सुरक्षाबलों ने कैम्पस में छात्रों के दो गुटों को खदडऩे के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. इसके बाद ‘भारत माता की जय’ बोलने से इंकार करने पर छात्रों ने एक कश्मीरी युवक की कथित रूप से पिटाई कर दी जिसके बाद से एनआईटी कैम्पस में स्थिति तनावपूर्ण है. हुर्रियत कांफ्रेंस समेत अलगाववादी संगठनों ने कश्मीरी छात्रों पर हमला करने के लिए गैर कश्मीरी छात्रों की आलोचना की.