पटना. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने राज्य में शराबबंदी पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम का स्वागत है पर उनकी नियत पर भरोसा नहीं किया जा सकता.
 
मांझी ने सवाल उठाया है कि शराब व्यापारियों को 2 साल के लिए व्यापार करने के लिए कहा गया था लेकिन पूर्ण शराबबंदी लगा दी गई. लेकिन उनके पास स्टॉक है और वे जरुर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.
 
उन्होंने कहा कि अगर कोर्ट व्यापारियों को रिलीफ दे देता है तो नीतीश सरकार झांसा देगी कि हमने तो प्रतिबंध लगाया था, मगर कोर्ट ने इजाजत दे दी तो हम कुछ नहीं कर सकते.
 
अन्य नशीलें पदार्थों पर भी रोक
मांझी ने यह भी कहा कि शराबबंदी ही क्यों नशाबंदी क्यों नहीं की गई. राज्य में अफीम, गांजा और कई नशीले पदार्थों पर भी पूरी रोक लगाई जानी चाहिए.