नई दिल्ली. रिजर्व बैंक ने ममंगलवार को अपनी चालू वित्त वर्ष की नई क्रेडिट पॉलिसी का ऐलान कर दिया है. आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की है. इस कटौती के साथ आपकी ईएमआई कम हो सकती है.

आरबीआई की ब्याज दर में कटौती के बाद लोन लेने वाले लोगों को फायदा मिलेगा क्योंकि बैंक लोन पर ब्याज दर घटा सकते हैं. कटौती के बाद रेपो दर घटकर 6.5 फीसदी हो गया है. बतां दें कि रेपो रेट पर बैंक आरबीआई से कर्ज लेते हैं. वहीं आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि आगे भी ब्याज दरें कम की जा सकती हैं.

क्या है रेपो रेट ?

रोजमर्रा के कामकाज के लिए बैंकों को भी बड़ी-बड़ी रकमों की ज़रूरत पड़ जाती है, और ऐसी स्थिति में उनके लिए देश के केंद्रीय बैंक, यानि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से ऋण लेना सबसे आसान विकल्प होता है. इस तरह के ओवरनाइट ऋण पर रिजर्व बैंक जिस दर से उनसे ब्याज वसूल करता है, उसे रेपो रेट कहते हैं.

क्या है रिवर्स रेपो रेट ?

यह रेपो रेट से उलट होता है. जब कभी बैंकों के पास दिन-भर के कामकाज के बाद बड़ी रकमें बची रह जाती हैं, वे उस रकम को रिजर्व बैंक में रख दिया करते हैं, जिस पर आरबीआई उन्हें ब्याज दिया करता है. अब रिजर्व बैंक इस ओवरनाइट रकम पर जिस दर से ब्याज अदा करता है, उसे रिवर्स रेपो रेट कहते हैं.