पटना. जेल में बंद सिवान के बाहुबली पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को आरजेडी की कार्यकारिणी में शामिल कर लिया गया है. जिसे लेकर बिहार में राजनीति गरमा चुकी है. यहां एक ओर शहाबुद्दीन को कार्यकारिणी में जगह मिलने के बाद विपक्ष ने आरजेडी पर हमला बोला है. वहीं दूसरी ओर आरजेडी इसका बचाव करते हुए बीजेपी को अपना घर देखने की नसीहत दे रही है.
 
बता दें कि लालू प्रसाद यादव ने आरजेडी की इस नई कार्यकारिणी में 5 उपाध्यक्ष, 4 महासचिव, 9 सचिव और 56 सदस्यों को जगह दी है. कार्यकारिणी की सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा शहाबुद्दीन है. शहाबुद्दीन को लंबे अरसे के बाद कमेटी में शामिल किया गया है.
 
BJP का RJD पर हमला
बीजेपी नेता और पूर्व उप मुख्यलमंत्री सुशील मोदी ने हमला करते हुए कहा है कि शहाबुद्दीन एक सजा प्राप्त अपराधी है. वह ना लोकसभा ना ही विधानसभा चुनाव लड़ सकता है. उन्होंने कहा कि लालू यादव के करीबी होने की बजह से उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया गया है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि लालू यादव आपराधिक चरित्रों को बढ़ावा दे रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल किया है कि उन्हें स्पष्ट कर देना चाहिए कि वो इस बारे में क्या सोचते हैं.
 
राबड़ी देवी का पलटवार
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बीजेपी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उल्टा उसी पर निशाना साधा है. राबड़ी ने कहा कि जो लोग शहाबुद्दीन को पार्टी की कार्यकारिणी में लिये जाने पर सवाल उठा रहे हैं वो पहले अपनी गिरेबां में झांक कर देखें. राबड़ी ने कहा कि शहाबुद्दीन पर सवाल उठाने वाली बीजेपी पहले अपनी पार्टी के गुंडों को संभाले और पार्टी के गुंडों का इस्तीफा मांगे. इसके अलावा उन्होंने पूर्व सीएम ने अमित शाह को निशाने पर लेते हुए पूछा कि वो किस हक से पार्टी के अध्यक्ष पद पर बैठे हैं. इस दौरान उन्होंने  बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस्तीफे की भी मांग की.
 
2009 से जेल में बंद हैं शहाबुद्दीन
शहाबुद्दीन सिवान सेंट्रल जेल में 2009 से ही बंद है. शहाबुद्दीन को अलग-अलग चार मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. बिहार के 34 थानों में उनके खिलाफ हत्या, अपहरण, फिरौती मांगने जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं.