जयपुर. केन्द्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने भारत माता की जय नहीं बोलने वालों पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि दारूल उलूम देवबंद भारत माता की जय न बोलने के लिए तो फतवा जारी करता है लेकिन आतंकवाद के खिलाफ नहीं. उन्होंने कहा कि देवबंद को ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने वालों के खिलाफ फतवा जारी करने के बजाय आतंकवाद के खिलाफ फतवा जारी करना चाहिए था. क्योंकि आतंकवाद आज एक वैश्विक चुनौती है.
 
साध्वी ने यह भी कहा कि ऐसे लोगों को शर्म करनी चाहिए जो भारत की जय बोलने से कतराते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि हम व्यवहारिक दृष्टि से वह आजाद हैं लेकिन मानसिक तौर पर अब भी गुलाम हैं. देश के अंदर उठने वाले विरोध के आवाज हमारे आत्मा हो झकझोर कर रख देते हैं. 
 
‘JNU मामले में नेताओं का समर्थन दुर्भाग्यपूर्ण’
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में लगे देश विरोधी नारे के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्ता के नुमाइंदे उनका समर्थन करने पहुंच गए. इसके अलावा उन्होंने बढ़ती आबादी पर चिंता जताते हुए कहा कि जिन लोगों की दो से अधिक संताने हैं उन्हें सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया जाना चाहिए.
 
‘देश की सभ्यता को बांधा नहीं जा सकता’
साध्वी ने कहा कि देश की सभ्यता, संस्कृति और समाज को सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता. देश में आजादी से पहले जैसे स्थितियां दिखाई दे रही है. इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तारीफ करते हुए कहा कि संघ ने आजादी के बाद भी देश में बड़ा काम किया है. जिन दूर दराज के इलाकों में सरकार नहीं पहुंच पाई वहां संघ ने एकल विद्यालयों के जरिए शिक्षा पहुंचाई है. संघ ने देश तोड़ने का नहीं बल्कि देश को जोड़ने का काम करता है.