गुवाहाटी. असम में विधानसभा चुनाव के लिए प्रथम चरण का मतदान सोमवार को शूरू हो गया है. बह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट और बराक घाटी क्षेत्र यानी ऊपरी असम के 65 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले चुनाव के लिए 539 उम्मीदवार मैदान में हैं. राज्य में सोमवार होने वाले मतदान के लिए कुल 95,11,732 योग्य मतदाता हैं. इसमें महिला मतदाताओं की संख्या 45,95,712 है. असम के मुख्य चुनाव अधिकारी विजयेंद्र ने कहा कि मतदान के लिए 12,190 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. 
 
मतदान केंद्रों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बलों की 535 कंपनियां तैनात की गई हैं. इनमें केंद्रीय बल की 433 कंपनियां शामिल हैं. 3739 मतदान केंद्रों को संवेदनशील, 1992 को अति संवेदनशील और 1241 को अति संवेदनशील से भी उच्च श्रेणी में रखा गया है. इन पर विशेष नजर रखी जाएगी. चुनावी अखाड़े में मुख्यमंत्री तरुण गोगोई सहित कुल 539 उम्मीदवार हैं. गोगोई जहां पांचवी बार मुख्यमंत्री प्रत्याशी हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से मुख्यमंत्री प्रत्याशी सर्बानंद सोनोवाल हैं. 
 
सत्तारूढ़ कांग्रेस का गठबंधन युनाइटेड पीपुल्स पार्टी (यूपीपी) से है, जिसकी बोडोलैंड टेरिटोरियल एरिया डिस्ट्रिक्ट्स (बीटीएडी) पर पकड़ है. दूसरी ओर, बीजेपी का गठबंधन क्षेत्रीय पार्टी असम गण परिषद (अगप) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) से है.
 
बीपीएफ बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) पर काबिज है, जिसके अधीन बीटीएडी के चार जिले हैं. इत्र कारोबारी बदरुद्दीन अजमल की पार्टी ऑल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने इस बार अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है. पार्टी ने हालांकि कहा कि उसने 126 में से सिर्फ 60 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं, बाकी सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ दी हैं, ताकि भाजपा को राज्य की सत्ता में आने से रोका जा सके.
 
चुनाव में कांग्रेस ने 65 निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं. बीजेपी ने 54, उसके सहयोगी एआईयूडीएफ के 27, अगप के 11 और बीपीएफ के तीन उम्मीदवार मैदान में हैं. 
 
चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व मंत्री जयराम रमेश, आनंद शर्मा, गुलाम नबी आजाद, सलमान खुर्शीद व अन्य शामिल रहे. बीजेपी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी व अन्य ने चुनाव प्रचार किए.