कोलकाता. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को पश्चिम बंगाल का दौरे पर पहुंचे हैं. राहुल ने चुनावी रैली में कोलकाता हादसे का जिक्र करते हुए राज्य की सीएम ममत बनर्जी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ममता जी बताएं बीते 5 सालों से कोलकाता में बन रहे पुल का का क्यों रुका हुआ था? राहुल ने घटनास्थल का भी दौरा किया. इसके बाद वे हादसे में घायल लोगों से मिलने कोलकाता मेडिकल कॉलेज पहुंचे.
 
राहुल ने कहा ये त्रासदी का समय है और इस समय जो भी मदद कर सकता है वो जरूर करे. बता दें कि कोलकाता में गणेश टॉकीज के पास एक निर्माणधीन पुल गिरने से अब तक 24 लोगों की मौत हो गई है जबकि इस हादसे में करीब 100 ज्यादा लोगों घायल हो गए हैं. नॉर्थ कोलकाता के गिरीश पार्क में मरम्मत का काम किया जा रहा था जब ये हादसा हुआ. 
 
BJP ने साधा निशाना
राहुल गांधी के घटनास्थल का मुआयाना और फिर अस्तपताल में घायलों से मिलने को बीजेपी ने फोटो स्टंट बताया है. कांग्रेस उपाध्यक्ष पर निशाना साधते हुए बीजेपी ने कहा कि ये उनकी राजनीति की लाइफलाइन है. पश्चिम बंगाल के सह-प्रभारी सिद्धार्थ नाथ सिंह ने सवाल पूछते हुए कांग्रेस का रूख साफ करने को कहा. उन्होंने कहा कि जब पुल बनाने वाली कंपनी ब्लैकलिस्टेट थी तब पूर्व की सीपीआई(एम) सरकार ने ऐसी कंपनी को ठेका क्यों दिया.
 
23 सदस्यीय एक विशेष जांच दल गठित
संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) देबाशीष बोराल ने कहा, “कंपनी के खिलाफ लगाए गए आरोपों में हत्या की कोशिश और आपराधिक साजिश के अलावा अन्य आरोप शामिल हैं. अब तक कंपनी के क्षेत्रीय व्यापार प्रमुख आर.के. गोपाल नंदूरी सहित 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है.” बोराल ने यह भी कहा कि मामले की जांच के लिए 23 सदस्यीय एक विशेष जांच दल भी गठित किया गया है. कंपनी के शहर स्थित कार्यालय को सील करने के अलावा कोलकाता पुलिस की एक टीम कंपनी अधिकारियों से पूछताछ करने दिन में हैदराबाद स्थित कंपनी के मुख्यालय पहुंची.  
 
7 साल से हैदराबाद की कंपनी बना ही रही है पुल
कोलकाता में पुल 24 फरवरी, 2009 को बनना शुरू हुआ था. ये पुल 2 किलोमीटर लंबा है इसे 18 महीने में बनकर तैयार होना था. पुल को दो हिस्से में बनना है. 1.6 किलोमीटर लंबा पहला हिस्सा गिरीश पार्क और हावड़ा ब्रिज को लिंक करेगा. 600 मीटर लंबा दूसरा हिस्सा पोस्टा क्रॉसिंग और निमताला गेट स्ट्रीट की ओर जाएगा. इसके लिए उस वक्त लेफ्ट सरकार ने 164 करोड़ रुपए का बजट रखा था. कोलकाता मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (केएमडीए) ने फ्लाईओवर का कॉन्ट्रैक्ट IVRCL नाम की हैदराबाद बेस्ड कंपनी को दिया था. कंस्ट्रक्शन से जुड़े एक इंजीनियर के मुताबिक, 164 करोड़ रुपए के बजट वाले इस फ्लाईओवर में अब तक 250 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं.