मुंबई. शनि शिंगणापुर मंदिर पर हाई कोर्ट के आदेश के बाद सामाजिक कार्यकर्ता और भूमाता ब्रिगेड की प्रमुख तृप्ति देसाई शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के साथ दर्शन पूजा करने के लिए निकल चुकी हैं. तृप्ति का कहना है कि कोर्ट के आदेश उन्हें नहीं लगता कि आज उन्हें कोई भी प्रवेश करने के लिए रोकेगा.
 
भूमाता ब्रिगेड के रवाना होने के बाद स्थिति बिगड़ने के अंदेशे के कारण सुरक्षा के पुख्ताज इंतजाम किये गये हैं. वहीं मंदिर प्रशासन का कहना है कि शनि मंदिर के चबूतरे पर सिर्फ पुजारी ही जाते हैं. पुरुष और महिलाएं दोनों ही चबूतरे के नीचे ही रहते हैं. बता दें कि तृप्ति लंबे समय से मंदिर में महिलाओं को पूजा करने और चबूतरे पर जाने के हक के लिए आंदोलन कर रही थीं.
 
मंदिर में जाने से रोका तो होगा केस दर्ज
मंदिर के लिए निकलने से पहले तृप्ति ने कहा कि अब उनको लगता है कि आज कोई उनको नहीं रोकेगा. कोर्ट ने पहले ही आदेश दे दिया है. यह हमारी जीत है. अगर कोई आज उन लोगों को मंदिर में प्रवेश करने से रोकेगा तो वह उसके खिलाफ केस दर्ज कराएंगी.
 
कोर्ट ने दिया मंदिर में प्रवेश का आदेश 
बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले में जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि अगर मंदिर में पुरुष प्रवेश कर सकते हैं तो महिलाएं क्यों नहीं. इसके अलावा कोर्ट ने यह भी कहा था कि देश में किसी को भी कहीं भी जाने का अधिकार है. कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश जारी कर महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने का आदेश भी दिया था.