कोलकाता: कोलकाता पुलिस ने शहर में एक फ्लाईओवर के ढहने की घटना के संबंध में हैदाबाद स्थित आईवीआरसीएल के खिलाफ अन्य मामलों के साथ ही हत्या के आरोप दर्ज किए हैं और इस मामले में कंपनी के कम से कम 10 कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया है. पुलिस ने कहा कि निर्माणाधीन विवेकानंद रोड फ्लाईओवर शहर के व्यस्त पुस्ता इलाके पर गुरुवार को ढह गया, जिसमें कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश के बाद पुलिस ने हादसे के बाद कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. 
 
23 सदस्यीय एक विशेष जांच दल गठित
संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) देबाशीष बोराल ने कहा, “कंपनी के खिलाफ लगाए गए आरोपों में हत्या की कोशिश और आपराधिक साजिश के अलावा अन्य आरोप शामिल हैं. अब तक कंपनी के क्षेत्रीय व्यापार प्रमुख आर.के. गोपाल नंदूरी सहित 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है.” बोराल ने यह भी कहा कि मामले की जांच के लिए 23 सदस्यीय एक विशेष जांच दल भी गठित किया गया है. कंपनी के शहर स्थित कार्यालय को सील करने के अलावा कोलकाता पुलिस की एक टीम कंपनी अधिकारियों से पूछताछ करने दिन में हैदराबाद स्थित कंपनी के मुख्यालय पहुंची. 
 
पुल गिरने के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार: सुप्रीयो
केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रीयो ने कोलकाता में गिरे फलाईओवर को लेकर राज्य की ममता बेनर्जी पर निशाना साधा है. सुप्रियो ने इंडिया न्यूज़ से खास बातचीत में कहा कि निर्माणाधीर पुल के गिरने से हादसे में मारे गए लोगों के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है.
 
7 साल से हैदराबाद की कंपनी बना ही रही है पुल
कोलकाता में पुल 24 फरवरी, 2009 को बनना शुरू हुआ था. ये पुल 2 किलोमीटर लंबा है इसे 18 महीने में बनकर तैयार होना था. पुल को दो हिस्से में बनना है. 1.6 किलोमीटर लंबा पहला हिस्सा गिरीश पार्क और हावड़ा ब्रिज को लिंक करेगा. 600 मीटर लंबा दूसरा हिस्सा पोस्टा क्रॉसिंग और निमताला गेट स्ट्रीट की ओर जाएगा. इसके लिए उस वक्त लेफ्ट सरकार ने 164 करोड़ रुपए का बजट रखा था. कोलकाता मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (केएमडीए) ने फ्लाईओवर का कॉन्ट्रैक्ट IVRCL नाम की हैदराबाद बेस्ड कंपनी को दिया था. कंस्ट्रक्शन से जुड़े एक इंजीनियर के मुताबिक, 164 करोड़ रुपए के बजट वाले इस फ्लाईओवर में अब तक 250 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं.