कोलकाता. कोलकाता में गणेश टॉकीज के पास एक निर्माणधीन पुल गिरने से अब तक 23 लोगों की मौत हो गई है जबकि इस हादसे में करीब 100 ज्यादा लोगों घायल हो गए हैं. बता दें कि नॉर्थ कोलकाता के गिरीश पार्क में मरम्मत का काम किया जा रहा था जब ये हादसा हुआ. फिलहाल बचाव दल की टीम वहां पर है. पुल गिरने की वजह से पूरा यातायात ठप हो गया है. ये हादसा कैसे हुआ इसकी अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है. बताया जा रहा है बुधवार को ही पुल की ढलाई की गई थी और ये हादसा हो गया. 
 
पुल गिरने के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार: सुप्रीयो
केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रीयो ने कोलकाता में गिरे फलाईओवर को लेकर राज्य की ममता बेनर्जी पर निशाना साधा है. सुप्रियो ने इंडिया न्यूज़ से खास बातचीत में कहा कि निर्माणाधीर पुल के गिरने से हादसे में मारे गए लोगों के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है.
 
वीडीयो आया समाने
कोलकाता में निर्माणधीन पुल के गिरने की एक वीडियो सामने आई है. यह एक सीसीटीवी फुटेज है इस फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि पुल किस तरह से ढेर हुआ है. इस बीच राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख का मुआवजा देने का वादा किया है वहीं घायलों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा देने की बात कही है.
 

भगवान की मर्जी से हुआ हादसा
कोलकाता में पुल बनाने वाली कंपनी IVRCL ने हैरान करने वाला बयान दिया है. जानकारी के अनुसार कंपनी का मानना है कि हादसा भगवान की मर्जी से हुआ है. कंपनी के ठेकेदार केपी राव का कहना है कि यह हादसा भगवान की मर्जी से हुआ है. 
 
अब शव मिलने की उम्मीद नहीं: सेना
वहीं सेना के अधिकारियों ने आज कहा कि उन्हें यहां फ्लाईओवर गिरने की जगह पर मलबे में कोई और शव मिलने की उम्मीद नहीं है. सेना निकाय अधिकारियों और एनडीआरएफ की टीमों के साथ राहत अभियान में लगी हैं. सैन्य अधिकारियों ने कहा, अब अभियान का लक्ष्य मलबे को हटाना और सड़क को साफ करना है ताकि स्थिति सामान्य की जा सके. अब कोई और शव मिलने की उम्मीद नहीं है.
 
7 साल से हैदराबाद की कंपनी बना ही रही है पुल
कोलकाता में पुल 24 फरवरी, 2009 को बनना शुरू हुआ था. ये पुल 2 किलोमीटर लंबा है इसे 18 महीने में बनकर तैयार होना था. पुल को दो हिस्से में बनना है. 1.6 किलोमीटर लंबा पहला हिस्सा गिरीश पार्क और हावड़ा ब्रिज को लिंक करेगा. 600 मीटर लंबा दूसरा हिस्सा पोस्टा क्रॉसिंग और निमताला गेट स्ट्रीट की ओर जाएगा. इसके लिए उस वक्त लेफ्ट सरकार ने 164 करोड़ रुपए का बजट रखा था. कोलकाता मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (केएमडीए) ने फ्लाईओवर का कॉन्ट्रैक्ट IVRCL नाम की हैदराबाद बेस्ड कंपनी को दिया था. कंस्ट्रक्शन से जुड़े एक इंजीनियर के मुताबिक, 164 करोड़ रुपए के बजट वाले इस फ्लाईओवर में अब तक 250 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं.