नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर में दो महीने से अधिक समय के राजनीतिक गतिरोध पर विराम लगाते हुए पीडीपी और बीजेपी सरकार बनाने जा रही है. सूत्रों से पता चला है कि महबूबा मुफ्ती 4 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहीं हैं. महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर की पहली महिला मुख्यमंत्री बनेंगी.
 
BJP-RSS को कोई आपत्ति नहीं
जम्मू-कश्मीर में में पीडीपी के साथ गठबंधन करने वाली बीजेपी को भी महबूबा मुफ्ती के सीएम बनने में कोई आपत्ति नहीं है. आरएसएस ने कहा है कि अगर महबूबा को मुख्यमंत्री के तौर पर चुना जाता है तो इससे गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा. 
 
सईद ने खुद कहा था, महबूबा बनें CM
बीमार होने से पहले 13 नवंबर को खुद मुफ्ती ने कहा था कि महबूबा सीएम बन सकती हैं और वे रिटायर हो सकते हैं. सईद के बीमार होने के बाद महबूबा को अगला सीएम बनाने की चर्चा जोर पकड़ने लगी थी. सईद ने कहा था कि मैं दफ्तर में रहता हूं और महबूबा लोगों के बीच रहती हैं. बेहतर होगा, वे सीएम बन जाएं. 
 
कौन हैं महबूबा मुफ्ती?
महबूबा मुफ्ती का जन्म 22 मई 1959 को जम्मू-कश्मीर के बिजबेहारा में हुआ था. उन्होंने जम्मू-कश्मीर विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है. महबूबा मुफ्ती पीडीपी की अध्य़क्ष है और वर्तमान मं अनंतनाग से सांसद है. 1999 का लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था. लेकिन वह तब पूर्व मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला से चुनाव हार गईं थी. 2004 में महबूबा मुफ्ती कांग्रेस गठबंधन सरकार का हिस्सा बनीं और लोकसभा चुनाव में भी जीत गईं. लेकिन 2009 में महबूबा को एक बार फिर हार का मुंह देखना पड़ा. 
 
फिलहाल लगा है राज्यपाल शासन
राज्य में बीजेपी और पीडीपी ने पिछले साल मार्च से इस साल जनवरी तक 10 महीने की गठबंधन सरकार चलाई थी. बीते सात जनवरी को मुफ्ती मोहम्मद सईद का निधन होने के बाद से सरकार बनाने को लेकर दोनों पार्टियों के बीच खींचतान जारी थी. इसे देखते हुए वहां 9 जनवरी को गवर्नर रुल लागू कर दिया गया. जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी की गठबंधन सरकार मार्च 2015 से जनवरी 2016 तक रही.