भोपाल. मध्यप्रदेश सरकार अब लोगों की जिंदगी को खुशियों से भरने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में देश का पहला हैप्पीनेस मंत्रालय बनाने का ऐलान किया है . मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मंत्रालय की जिम्मेदारी मंत्री की होगी. जिसे हैप्पीनेस मंत्री कहा जाएगा. इसका अपना स्टाफ होगा. अगली कैबिनेट बैठक में इसका प्रस्ताव रखा जाएगा. मुख्यमंत्री शिवराज ऐलान करते हए कहा है कि यह मंत्रालय दुनिया भर के उन प्रयासों का पता लगाएगी कि कैसे लोगों को प्रसन्न किया जा सकता है और हैप्पीनेस को कैसे बढ़ाया जा सकता है. 
 
भूटान से मिली प्रेरणा
मुख्यमंत्री यह भी बताया कि इसकी प्रेरणा उन्हें भूटान से मिली है. 1972 में भूटान के चौथे नरेश जिग्मे सिंगे वांग्चुक ने हैप्पीनेस इंडेक्स की अवधारणा को लागू किया था. जहां सभी मंत्रालयों की जिम्मेदारी बनती है कि आत्महत्या की सोचने वाले और निराश लोगों की समस्या सुलझाई जाती हैं.
 
UAE में पहली बार बना हैप्पीनेस मंत्रालय
दुनिया में पहली बार हैप्पीनेस, टॉलरेंस एंड यूथ अफेयर्स मंत्रालय का संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में गठन किया गया था. दरअसल, इसी साल फरवरी माह में यूएई के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशि अल मकतूम ने अमलीजामा पहनाया था. इस मंत्रायल के जरिए लोगों तक सुख, शांति पहुंचा रहा है.
 
पहले शहरी बच्चों पर किया जाएगा प्रयोग
मुख्यमंत्री ने बताया कि सबसे पहले शहरों में रहने वाले बच्चों पर हैप्पीनेस मंत्रालय अपने प्रयोग करेगा. इसके तहत उनको खुश रखने के लिए योग, ध्यान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा.