पटना. बिहार में महागठबंधन बीच आपसी खटास का मामला एक बार फिर से गर्म हो चुका है. दरअसल, पथ निर्माण विभाग की ओर से जारी किए गए एक विज्ञापन में सिर्फ उपमुख्यमंत्री सह विभागीय मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव की तस्वीर है. जबकि इस विज्ञापन में सीएम नीतीश कुमार की तस्वीर नदारद हैं, जिसे लेकर विपक्ष ने महागठबंधन पर निशाना साधा है.
 
बीजेपी ने इसे जेडीयू-आरजेडी के बीच अंतर्कलह बताया है. हालांकि विवाद बढ़ता देख दोनों सत्तासीन दल इसके बचाव में उतर गए हैं. उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन में सबकुछ ठीक है.
 
तेजस्वी यादव ने दी सफाई
बिहार विधानसभा परिसर में जब मीडिया ने उन्हें घेरा तो तेजस्वी यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर है कि किसी एक का ही विज्ञापन में फोटो हो सकता है. किसी विभाग का अगर कोई कार्यक्रम हो रहा है और मुख्यमंत्री उसमें भाग लेने वाले हैं तो विज्ञापन में मुख्यमंत्री की तस्वीर छपती है, लेकिन अगर मुख्यमंत्री नहीं आने वाले होते हैं और विभागीय मंत्री को ही उस कार्यक्रम का उद्घाटन करना है तो उस मंत्री की तसवीर विज्ञापन में छप सकती है. इन सारी चीजों को देख कर और नोटिस में लेकर विज्ञापन दिया गया है.
 
‘JDU और RJD में फोटो दिखाने की होड़’
वहीं बीजेपा नेता नंदकिशोर यादव ने हमला करते हुए कहा कि जदयू और राजद के नेताओं में फोटो दिखाने की होड़ मच गयी है. उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने अपने विभाग के विज्ञापन में मुख्यमंत्री का फोटो नहीं लगवाया. ऐसा लगता है उन्होंने पिछले दिनों इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आइजीआइएमएस) के कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव की तस्वीर गायब रहने के कारण किया. आइजीआइएमएस के कार्यक्रम में सिर्फ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ही तस्वीर है. इसका बदला लिया गया है.
 
‘BJP अपने घर को देखे’
बिहार विधानसभा में जदयू के उपनेता श्याम रजक ने कहा कि महागंठबंधन में किसी तरह का क्षरण नहीं है. पार्टी मजबूती के साथ है. विज्ञापन में फोटो छपने ना छपने का मामला छोटा है. यह उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव का विभाग है. उसमें विज्ञापन में उनकी फोटो है तो क्या दिक्कत है. बीजेपी को तो अपना घर देखना चाहिए.