पटियाला. पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि पंजाब के पास दूसरे राज्य को देने के लिए एक बूंद भी अतिरिक्त पानी नहीं है. उन्होंने कहा कि सतलज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर कभी भी हकीकत में तब्दील नहीं होगी. बादल ने एक जनसभा में कहा, “एसवाईएल करार केंद्र की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार का पंजाब के साथ घोर अन्याय था.
 
शिरोमणि अकाली दल ने पहले दिन से ही इसका विरोध किया है. अब हम किसी भी कीमत पर इस नहर का निर्माण कार्य नहीं होने देंगे.” मुख्यमंत्री ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने इस परियोजना के लिए 1980 के दशक में भूमि खोदने के समारोह के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का स्वागत किया था.
 
अब वे नेता जनता को गुमराह करने के लिए कुछ स्थानों पर खोदाई भरने की चालों का सहारा ले रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के नदी जल को बांटने का कदम विनाशकारी होगा और इससे राज्य बर्बाद हो जाएगा.