नई दिल्ली. चीन ने पठानकोट आतंकी हमले के साजिशकर्ता और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने की भारत की कोशिश पर संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर अवरोध पैदा कर दिया है.

यहां उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार समयसीमा से कुछ घंटे पहले चीन ने संयुक्त राष्ट्र की समिति से अनुरोध किया कि इसे रोका जाए. यह समिति पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख पर पाबंदी पर विचार कर रही है.

दो जनवरी को पठानकोट में वायुसेना ठिकाने पर हमले के बाद, फरवरी में भारत ने संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखते हुए अजहर पर प्रतिबंध लगाकर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की थी. यह मांग संगठन के आतंकी गतिविधियों और पठानकोट हमले में इसकी भूमिका को लेकर पुख्ता सबूतों के साथ की गयी थी. इस हमले में सात भारतीय सैन्यकर्मी शहीद हो गये थे.

भारत ने संयुक्त राष्ट्र समिति से यह भी कहा था कि अजहर को सूची में शामिल नहीं करने से भारत और दक्षिण एशिया के अन्य देशों में आतंकवादी समूह और इसके प्रमुख से खतरा बना रहेगा.

सूत्रों ने कहा कि समय सीमा से कुछ घंटे पहले चीन ने जैश-ए-मोहम्म्द के प्रमुख पर प्रतिबंध लगाए जाने पर रोक का संयुक्त राष्ट्र की समिति से अनुरोध किया.

सरकारी सूत्रों के अनुसार, चीन ने यह कार्रवाई पाकिस्तान के साथ ‘‘विचार-विमर्श’’ से की है. यूएन ने 2001 में जैश-ए-मोहम्मद को प्रतिबंधित सूची में डाला था. 2008 में मुंबई हमले के बाद भारत ने एक बार फिर मसूद अजहर को प्रतिबंधित सूची में डालने की अपील की थी, लेकिन उस वक्त भी चीन ने वीटो पावर का इस्तेमाल किया था.