पठानकोट. पठानकोट हमले की जांच के लिए भारत आई पाकिस्तानी जांच दल की टीम आज तीन गवाहों के बयान दर्ज करेगी. पंजाब पुलिस के एसपी सलविंदर सिंह, एसपी के दोस्त ज्वैलर राजेश वर्मा और कुक मदन गोपाल से जांच टीम को सीधे पूछताछ की इजाजत नहीं होगी बल्कि वह एनआईए के जरिये ही पूछताछ कर पाएगी.

बुधवार को भारतीय जांच एजेंसी एनआईए और पाकिस्तानी जांच दल जेआईटी ने अपने-अपने हमले से संबधित साक्ष्य और सबूत साझा किए. एनआईए का कहना है कि पठानकोट जाने से जेआईटी को लगभग यकीन हो गया है कि कैसे पाक से आए आतंकियों ने हमला किया. पाक टीम ने यह जानकारी भी साझा की कि उसने इस हमले से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लिया है.

एनआईए ने इसको लेकर और जानकारी मांगी है. एएनआई ने बताया कि उसने अब तक हमले से जुड़े जो साक्ष्य इकट्ठा किए हैं उसमें ज्यादातर जेआईटी से साझा किए हैं. यह पूछने पर कि क्या पाक मान रहा है कि इस हमले में सीधे उसकी जमीन का इस्तेमाल हुआ है और इसका मास्टरमाइंट जैश-ए-मोहम्मद है तो एनआईए ने एनडीटीवी इंडिया को बताया कि हम जो साक्ष्य दे रहे हैं उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झुठलाया नहीं जा सकता.

उन्होंने कहा कि हमने हमले के बाद तीन महीने काफी होमवर्क किया है तभी वह पहली बार जांच के लिए भारत आए हैं. एनआईए का भी पाक जाना तो पक्का है, लेकिन तारीख अभी तय नहीं है.

पाकिस्तान जाने से पहले एनआईए ने जेआईटी आतंकियों की आवाज के नमूने मांगे हैं ताकि अपने दावे को और पुख्ता कर सकें. खबर यह भी है एनआईए ने पठानकोट हमले में पाकिस्तान में मारे गए आतंकियों के नाम और पते तक जेआईटी को दिए हैं.

इतना ही नहीं एनआईए ने तो हैंडलर कासिफ जान तक के पते दे दिए हैं और जेआईटी को कहा है कि इस बारे में पता लगाकर उसे पूरी जानकारी दे.