लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मुखिया मायावती ने बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर पड़ोसी देश पाकिस्तान के संबंध में ढुलमुल नीति अपनाये जाने का आरोप लगाते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है. मायावती ने अपने बयान में कहा कि ऐसी गलत नीति देशहित में नहीं है और न ही इससे सीमा पर व देश के भीतर होने वाली दु:खद आतंकी घटनाओं में कमी आती दिख रही है.
 
मायावती ने पठानकोट हमले की जांच करने वाले दल में पाकिस्तान की खुफिया एजंसी आइएसआइ के अधिकारियों को शामिल करने के नरेंद्र मोदी सरकार के कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे देश और सरकार की कमजोरी झलक रही है.
 
बसपा मुखिया ने कहा कि पठानकोट वायुसेना एयरबेस पर लगभग तीन माह पहले हुए आतंकी हमले के संबंध में गठित पाकिस्तानी संयुक्त जांच दल में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी कुख्यात आई.एस.आई. के अधिकारी भी शामिल हैं. इस दल के घटना स्थल के दौरे के संबंध में मायावती ने कहा कि केंद्र की सरकार व बीजेपी नेताओं के इस बारे में तर्क समझ से परे लगते हैं. 
 
बसपा मुखिया ने कहा कि जनहित व जन कल्याण के संबंध में काफी बड़ी-बड़ी बातें व दावे करने वाली पार्टी बीजेपी व उसकी केंद्र सरकार का नेतृत्व इन मामलों में पूरी तरह से विफल होने के बाद अब देशहित के मामले में समझौता करता नजर आ रहा है.
 
उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी जांच दल को भारत बुलाकर उसका काफी गर्मजोशी से रेड कार्पेट स्वागत करना व उसे वायुसेना एयरबेस आदि स्थानों पर ले जाना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार का एक नया आविष्कार है, जिसमें देश के ज्यादातर लोगों को भारत सरकार की कमजोरी ही झलकती हुई लगती है.
 
मायावती ने कहा कि मोदी सरकार का यह अनूठा प्रयोग भारत-पाक के तीखे व कड़वे संबंध को देशहित में बदल पाएगा, इसमें लोगों को घोर आशंका है. इसी कारण इसका विभिन्न स्तर पर कड़ा विरोध हो रहा है.