पठानकोट. पाकिस्तान के संयुक्त जांच दल (जेआईटी) ने विरोध-प्रदर्शन के बीच पंजाब में कई जगहों का दौरा किया और पठानकोट एयरबेस के एक हिस्से की जांच पूरी की. जांच दल ने संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों के निशान ढूंढ़ने के लिए विभिन्न स्थानों का दौरा किया. हालांकि इस दौरान कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता पठानकोट एयरबेस के सामने विरोध-प्रदर्शन करते रहे. पठानकोट स्थित वायुसेना एयरबेस पर दो जनवरी को आंतकवादी हमला हुआ था, जिसमें सात सुरक्षाकर्मी और सभी आतंकवादी मारे गए थे. 
 
 
पाकिस्तान की पांच सदस्यीय जेआईटी टीम ने एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) के अधिकारियों के साथ विभिन्न स्थानों का दौरा किया. इससे पहले जेआईटी के आने की खबर लगते ही यहां भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के एयरपोर्ट के पास विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया. इसके कारण जेआईटी की टीम को वायुसेना एयरबे, में पिछले हिस्से से ले जाया गया. जेआईटी की टीम एक मिनी बस में थी, जिसमें एनआईए के अधिकारियों के साथ वे पंजाब पुलिस के इलीट स्वात कमांडों के घेरे में थे. 
 
 
पंजाब में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने वायुसेना एयरबेस के मुख्य द्वार के आगे तथा उस मार्ग के करीब विरोध-प्रदर्शन किया, जहां से पाकिस्तान की जांच टीम को ले जाया जा रहा था. प्रदर्शनकारी हाथ में काले झंडे व बैनर लिए हुए थे. बैनरों पर पाकिस्तानी टीम विशेषकर पाकिस्तान की इंटर-सर्विसिस इंटेलिजेंस (आईएसआई) और मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारियों के नाम लिखे हुए थे. 
 
 
जेआईटी सदस्य एयरबेस में एक विशेष दरवाजे से घटनास्थल तक पहुंचे, जो कि परिसर के भीतर सीमित स्थान तक ही ले जाता है. जेआईटी सदस्यों को एयरबेस के तकनीकी क्षेत्र से दूर रखा गया और केवल उन्हीं जगहों तक ले जाया गया, जहां दो जनवरी को सुरक्षाकर्मियों की पाकिस्तानी आतंकवादियों से मुठभेड़ हुई थी. जेआईटी सदस्य रविवार को देश की राजधानी नई दिल्ली पहुंचे और देश की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारियों के साथ उन्होंने कई बैठकें की. जेआईटी सदस्य मंगलवार सुबह अमृतसर पहुंचे, जहां से वे पठानकोट गए.