लखनऊ. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष व हैदाराबाद से सांसद असदुदीन ओवैसी सोमवार को लखनऊ के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे, जहां से वह बराबंकी के देवा शरीफ रवाना हो गए. ओवैसी को कार्यक्रम के दौरान काले झंडे दिखाए गए हैं. सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थल के बाहर कुछ लोगों ने उनका विरोध किया. हालांकि, पुलिस ने समय रहते उन्हें वहां से खदेड़ दिया. लिहाजा विरोध करने वालों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है.
 
वारिस अली की दरगाह पर चढ़ाई चादर
ओवैसी सोमवार सुबह 9 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे. इसके बाद वह बाराबंकी रवाना हो गए, जहां उन्होंने सूफी संत हाजी वारिस अली की दरगाह पर चादर चढ़ाई. जिसके बाद उन्होंने नदवा के मौलाना रबे हसन अली नदवी और फिर शिया मौलवी मौलाना कल्बे जवाद के साथ मुलाकात की. प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ओवैसी बिना किसी सवाल का जवाब दिए सीधे एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए.
 
‘SP मुजफ्फरनगर दंगों के लिए जिम्मेदार’
उन्होंने कॉन्फ्रेंस के दौरान मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर यूपी की सपा सरकार पर निशाना साधा. ओवैसी ने कहा कि लोगों को अखिलेश यादव की सरकार से जवाब मांगना चाहिए, जो दंगों के लिए जिम्मेदार है. ओवैसी ने कहा कि युवाओं का उत्साह देखकर वह कह सकते हैं कि विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी की जीत होगी. नारेबाजी पर शोर के बीच उन्होंने कहा, ‘हमारा नारा जय मीम और जय भीम है.’
 
‘मुझे लखनऊ में जनसभा करने से क्यों रोका’
एआईएमआईएम चीफ ने अखिलेश यादव की सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा, ‘मुझे करीब 3.5 साल तक लखनऊ में जनसभा करने से रोका गया. मैं जानना चाहता हूं कि ऐसा क्यों किया गया.’ ‘भारत माता की जय’ के नारेबाजी को लेकर ओवैसी ने कहा, ‘मुझे किसी से सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है. हमने देश की आजादी के लिए जान न्योछावर किया है. हमारी देशभक्ती पर सवाल क्यों?’