मुंबई. जम्मू और कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी के गठबंधन वाली सरकार बनना लगभग तय हो गया है. लेकिन शिवसेना ने इसका विरोध करते हुए महबूबा मुफ्ती से पूछा है कि क्या वे अब वे भारत माता की जय कहेंगी?
 
यह बात शिवसेना ने अपने मुख्यपत्र सामना में लिखी है. सामना में लिखा गया है ‘संसद पर हमला करने वाले अफजल गुरु के बारे में महबूबा मुफ्ती की भूमिका अब क्या है. क्योंकि अफजल गुरु को आतंकवादी मानने से महबूबा और उनका पीडीपी दल तैयार नहीं है. इन दिनों देश में राष्ट्रवाद को लेकर चर्चा जोरों पर है. क्या महबूबा मुफ्ती भारत माता की जय कहेंगी?’
 
कश्मीरी पंडितों के बलिदान को उठाया
मुख्यपत्र में लिखा गया है कि राज्य में न जाने कितने कश्मीरी पंडितों को आतंकवादियों के आतंक को झेलना पड़ा है जिसमें उन्होंने बलिदान भी दिए हैं. कश्मीरी पंडितों के बलिदान पर ही यह नई सरकार बन रही है. इसलिए नई मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण से पहले ‘भारत माता की जय’ कहें, ऐसी उम्मीद देश को है तो इसके लिए बुरा लगने की कोई जरूरत नहीं.
 
अफजल गुरु पर उठाए सवाल
सामना में साफ शब्दों में लिखा गया है कि ‘क्या आज भी महबूबा मुफ्ती के मन में ऐसे ख्याल हैं कि अफजल गुरु का शव तिहाड़ से खोदकर कश्मीर लाया जाए और किसी वीर योद्धा की तरह उसे दफन किया जाए? मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही यह भयंकर विचार झटक कर वह नए राष्ट्रवादी विचारों की बागडोर थामेंगी क्या?