नई दिल्ली. दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया आज दिल्ली के लिए बजट पेश करेंगे जिसमें शिक्षा के साथ साथ स्वास्थ्य और परिवहन क्षेत्र को बड़ा आवंटन मिलने की संभावना है.

बजट में गारमेंट और जूतों पर वैट का मानकीकरण किया जाएगा क्योंकि कुछ उत्पादों पर कर में अंतर है जिससे प्राय: संशय हो जाता है और अनुपालन प्रभावित होता है.

सिसोदिया के पास वित्त विभाग भी है. ऐसी संभावना है कि वह कुल बजटीय आवंटन का 25 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र के लिए आवंटित करेंगे जिसमें प्रशिक्षण कार्य्रकमों तथा भौतिक बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित रहेगा.

सरकार ने 2015-16 के बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए 9,836 करोड़ रुपये आवंटित किए थे. इसमें से 4,570 करोड़ रुपये योजना परिव्यय के तहत दिए गए.

इसी तरह अरविंद केजरीवाल सरकार की तऱफ से सार्वजनिक परिवहन के लिए अधिक बजटीय आवंटन अपेक्षित है क्योंकि उसने 1000 नई वातानुकूलित बसें खरीदने का फैसला किया है.

सदन 31 मार्च तक केवल पांच दिन बैठेगा. सरकार 3000 मोहल्ला सभाओं के लिए धन उपलब्ध कराएगी जहां स्थानीय लोग अपने इलाकों में लोक निर्माण परियोजनाओं का फैसला करेंगे.

सरकार की तरफ से आम आदमी कैंटीन के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने की संभावना है. ये कैंटीन तमिलनाडु की अम्मा कैंटीन की तर्ज पर हैं जिनका उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी में बाहर से आने वाले कामगारों को पोषक खाना उपलब्ध कराना है.