नई दिल्ली: उत्तराखंड की राजनीति में काफी सियासी घमासान मचा हुआ है. इस घमासान के बीच खबर आ रही है कि उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है. केंद्र की इस सिफारिश को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी है. इस फैसले की अधिसूचना जल्द ही जारी होगी. बता दें कि उत्तराखंड के संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के असम से वापस लौटते ही शनिवार को कैबिनेट की बैठक हुई थी. बैठक में शामिल होने के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरूण जेटली समेत कई मंत्री पहुंचे. 
 
मोदी की अगुवाई में उत्तराखंड पर विचार
हालांकि इस स्थिति में कोई अनुमान लगाने से पहले यह देखना होगा कि मोदी सरकार विश्वास मत परीक्षण से पहले क्या करती है. केंद्र सरकार को विधायकों के बगावत से पैदा राज्य की हालिया स्थिति के बारे में राज्यपाल के के पॉल से रिपोर्ट मिल गई है. असम की यात्रा संक्षिप्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलाई. करीब एक घंटे चली इस बैठक में उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने समेत केंद्र के सामने उपलब्ध विभिन्न विकल्पों पर विचार किया गया है.
 
राष्ट्रपति से मिले थे BJP नेता
उत्तराखंड के बीजेपी के नेता आज राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से मिले थे. उन्होंने उत्तराखंड की सरकार को बर्खास्त करने की मांग रखी है. बीजेपी नेताओं मुख्यमंत्री के स्टिंग आपरेशन को भी राष्ट्रपति के सामने रखा. बीजेपी नेताओं ने कहा कि हरिश रावत को सत्ता में एक क्षण भी रहने का अधिकार नहीं है. हमने राज्यपाल को बताया था कि प्रदेश सरकार खरीद-फरोख्त में संलग्न होगी. हमारी समझ में यह नहीं आ रहा है कि विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए इतना समय क्यों दिया गया.