जम्मू. जम्मू-कश्मीर में दो महीने से अधिक समय के राजनीतिक गतिरोध पर विराम लगाते हुए पीडीपी और बीजेपी आज राज्यपाल एनएन वोहरा से संयुक्त रूप से मुलाकात की और नई सरकार के गठन का दावा पेश करेंगे. बीजेपी से निर्मल सिंह ने महबूबा मुफ्ती को पार्टी के समर्थन का पत्र  सौंपा.
 
क्या कहा निर्मल सिंह
राज्यपाल से मुलाकात के बाद बीजेपी नेता निर्मल सिंह ने कहा है कि पीडीपी और बीजेपी जल्द ही साथ बैंठेंगी और सभी औपचारिकताओं पर चर्चा होगी. अनुमान लगाया जा रहा है कि महबूबा मुफ्ती 30 मार्च को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकती हैं और निर्मल सिंह को उप-मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. महबूबा जम्मू-कश्मीर की पहली महिला मुख्यमंत्री बनेंगी.
 
बीजेपी ने कहा- हमारे पास ज्यादा विधायक
बीजेपी का कहना था कि उसके पास 28 विधायक हैं, जिसमें सज्जाद लोन के दो और एक निर्दलीय विधायक पवन गुप्ता है, जबकि पीडीपी के पास सिर्फ 27 विधायक हैं. कम एमएलए होने के बाद भी बीजेपी पीडीपी को मुख्यमंत्री का पद दे रही है.
 
विभागों के बंटवारे को लेकर नहीं विवाद: महबूबा
महबूबा ने कहा, ‘दोनों दलों के बीच विभागों को लेकर कोई विवाद नहीं है. कश्मीर का विकास देश के लिए मिसाल होगा. हमें विकास की गति को बनाए रखने के लिए गठबंधन के एजेंडे को बनाए रखना होगा.’ उन्होंने कहा कि गठबंधन के एजेंडे को पुनर्स्थापित करने के लिए जो भी समय लगा वो मूल्यवान था. राज्य के धर्मनिरपेक्ष ढांचे को ध्यान में रखते हुए हमने एक गठबंधन को बनाए रखा. वहीं बीजेपी के निर्मल सिंह ने कहा कि हमने राज्यपाल को समर्थन पत्र सौंप दिया है. विभागों को लेकर बातचीत चल रही है.
 
गृह विभाग चाहती है बीजेपी
बीजेपी कैबिनेट में महत्वपूर्ण विभाग लेना चाहती है. अगर पीडीपी गृह, वित्त, ग्रामीण विकास, शिक्षा, राजस्व, सामान्य प्रशासन विभाग, उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण और परिवहन मंत्रालय लेती है, तो बीजेपी को योजना, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, पीएचई और सिंचाई, कृषि, राज्य मंत्री (गृह), बिजली और सहकारी विभाग चाहिए.
 
सज्जाद को मंत्री बनाना चाहती है बीजेपी
सूत्रों की मानें तो बीजेपी सरकार में सज्जाद लोन के लिए भी एक मंत्रालय चाहती है, जो कि उसके कोटा से ना हो, क्योंकि सज्जाद बीजेपी और पीडीपी दोनों को समर्थन दे रहे हैं.
 
फिलहाल लगा है राज्यपाल शासन
राज्य में बीजेपी और पीडीपी ने पिछले साल मार्च से इस साल जनवरी तक 10 महीने की गठबंधन सरकार चलाई थी. बीते सात जनवरी को मुफ्ती मोहम्मद सईद का निधन होने के बाद से सरकार बनाने को लेकर दोनों पार्टियों के बीच खींचतान जारी थी. इसे देखते हुए वहां 9 जनवरी को गवर्नर रुल लागू कर दिया गया. जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी की गठबंधन सरकार मार्च 2015 से जनवरी 2016 तक रही.