जम्मू. जम्मू-कश्मीर में दो महीने से अधिक समय के राजनीतिक गतिरोध पर विराम लगाते हुए पीडीपी और बीजेपी आज राज्यपाल एनएन वोहरा से संयुक्त रूप से मुलाकात की और नई सरकार के गठन का दावा पेश करेंगे. महबूबा मुफ्ती ने बाद में नई सरकार के गठन के लिए समर्थन दिए जाने पर बीजेपी का शुक्रिया अदा किया. महबूबा ने कहा कि उनकी नई सरकार का पूरा जोर जम्मू-कश्मीर में शांति, सुलह और विकास पर होगा. उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह की तारीख तय की जा रही है.
 
क्या कहा महबूबा मुफ्ती ने?
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के मकसद से बीजेपी के बिना शर्त समर्थन के लिए शुक्रगुजार हैं. प्रधानमंत्री ने मुझे जो भरोसा दिलाया है, उससे मैं संतुष्ट हूं. हम अमन और तरक्की के मुफ्ती साहब के एजेंडे को मिलकर आगे बढ़ाएंगे. पीडीपी पहले ही महबूबा को सीएम कैंडिडेट अनाउंस कर चुकी थी. सीएम बनने के बाद उन्हें 6 महीने के अंदर असेंबली या विधानपरिषद में से किसी एक का मेंबर बनना होगा और लोकसभा सीट से इस्तीफा देना होगा.
 
विभागों के बंटवारे को लेकर नहीं विवाद: महबूबा
महबूबा ने कहा, ‘दोनों दलों के बीच विभागों को लेकर कोई विवाद नहीं है. कश्मीर का विकास देश के लिए मिसाल होगा. हमें विकास की गति को बनाए रखने के लिए गठबंधन के एजेंडे को बनाए रखना होगा.’ उन्होंने कहा कि गठबंधन के एजेंडे को पुनर्स्थापित करने के लिए जो भी समय लगा वो मूल्यवान था. राज्य के धर्मनिरपेक्ष ढांचे को ध्यान में रखते हुए हमने एक गठबंधन को बनाए रखा. वहीं बीजेपी के निर्मल सिंह ने कहा कि हमने राज्यपाल को समर्थन पत्र सौंप दिया है. विभागों को लेकर बातचीत चल रही है.
 
क्या कहा निर्मल सिंह ने?
बीजेपी ने भी निर्मल सिंह को विधायक दल का नेता चुना. वे मुफ्ती सरकार में डिप्टी सीएम रह चुके हैं. इससे पहले बीजेपी विधायक दल की बैठक में पार्टी महासचिव राम माधव ने साफ किया कि जम्मू कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी मिलकर सरकार बनाने जा रहे हैं. महबूबा फिलहाल अनंतनाग से लोकसभा मेंबर हैं. 
 
फिलहाल लगा है राज्यपाल शासन
राज्य में बीजेपी और पीडीपी ने पिछले साल मार्च से इस साल जनवरी तक 10 महीने की गठबंधन सरकार चलाई थी. बीते सात जनवरी को मुफ्ती मोहम्मद सईद का निधन होने के बाद से सरकार बनाने को लेकर दोनों पार्टियों के बीच खींचतान जारी थी. इसे देखते हुए वहां 9 जनवरी को गवर्नर रुल लागू कर दिया गया. जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी की गठबंधन सरकार मार्च 2015 से जनवरी 2016 तक रही.