नई दिल्ली. एक करोड़ रुपये की फिरौती के लिए वेलकम इलाके से अगवा कर एक छात्र की हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान 17 वर्षीय अंकित गुप्ता के रूप में की गई है. वह बीते 11 फरवरी से लापता था. उसका शव बीते 14 फरवरी को गौतमबुद्ध नगर में मिल गया था.

बिना शिनाख्त किए पुलिस ने 18 फरवरी को शव का अंतिम संस्कार किया था. परिजनों को बीते 22 मार्च को पूर्वी जिला पुलिस ने अंकित की हत्या के बारे में जानकारी दी. परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

पुलिस के अनुसार अंकित परिवार सहित बाबरपुर में रहता था. वह विक्टोरिया पब्लिक स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र था. बीते 11 फरवरी की दोपहर वह घर से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा. परिजनों ने मामले की शिकायत वेलकम पुलिस से की.

12 फरवरी की दोपहर परिजनों को फोन पर बताया गया कि अंकित का अपहरण हो गया है. उसे छोड़ने के लिए अपहरणकर्ताओं ने एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी. पुलिस ने इस बाबत अपहरण का मामला दर्ज कर लिया. परिजनों से बातचीत के बाद अपहरणकर्ता 20 लाख रुपये लेकर अंकित को छोड़ने के लिए तैयार हो गए.

उन्होंने पीडि़त परिवार को भजनपुरा, मोहन नगर, गाजियाबाद, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन आदि जगहों पर बुलाया, लेकिन रुपये लेने कोई नहीं आया. 16 फरवरी के बाद अपहरणकर्ताओं ने फोन करना बंद कर दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर-पूर्व एवं पूर्वी जिला पुलिस की दर्जन भर  टीमें छानबीन में जुटी, लेकिन कोई सुराग उनके हाथ नहीं लगा.

बीते 22 मार्च को पुलिस ने अंकित के परिजनों को बताया कि उसका शव गौतमबुद्ध नगर के बादलपुर में मिला था. 14 फरवरी को एक बोरे में उसका शव मिला था. वहां जाकर कपड़े एवं तस्वीर से परिजनों ने अंकित की पहचान कर ली.

परिजनों का आरोप है कि दिल्ली एवं यूपी पुलिस की लापरवाही के चलते उन्हें बेटे का शव तक नहीं मिला. गौतमबुद्ध नगर पुलिस को जब शव मिला तो वह जिपनेट की मदद से शव की शिनाख्त कर सकते थे. लेकिन उन्होंने इसके लिए कोई प्रयास नहीं किया. वहीं दिल्ली पुलिस को हत्या का पता लगाने में ही डेढ़ माह लग गए. आरोपियों के बारे में पुलिस को कोई जानकारी अभी तक नहीं है.