मुंबई. मुंबई में 26 नवंबर 2008 के आतंकी हमले में शामिल वादा माफ गवाह डेविड कोलमैन हेडली ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में एक और बड़ा खुलासा किया है. उसने मुंबई की कोर्ट में सवाल-जवाब के दौरान बताया है ‘मैं भारत से 7 दिसंबर 1971 से ही नफरत करता हूं, जब भारतीय प्लेनों ने मेरे स्कूल पर बम बरसाया और वहां काम करने वाले लोग मर गए.’

हेडली का कहना है ‘मैंने अपने स्कूल पर हमला करने वालों से बदला लेने के लिए लश्करे तैयबा जॉइन किया था. उसने कहा कि अमेरिकी जेल में उसके विलासितापूर्ण जीवन के बारे में कही गई बातें सच नहीं हैं’.

हेडली ने कहा ‘बाल ठाकरे ने कहा था कि बूढ़़े और बीमार हो चले हैं, इसलिए वह प्रोग्राम में शिरकत नहीं कर सकते। इसके बाद मैं शिव सेना के किसी और नेता को बुलाना चाहता था.’

हेडली ने बताया कि वह बाल ठाकरे को अमेरिका में बुलाना चाहता लेकिन उन पर हमला करने का उसका कोई इरादा नहीं था. डेविड हेडली ने पूछताछ में कबूल किया कि वह अमेरिका में शिव सेना के लिए फंड इकट्ठा करने की कोशिश कर रहा था.