नई दिल्ली. 26/11 मुंबई आतंकी हमले में सरकारी गवाह बने डेविड कोलमैन हेडली से आज मुख्य साजिशकर्ता अबू जुंदाल के वकील ने वीडियो लिंक के जरिए जिरह की. उससे जैसे ही पूछा गया कि आपकी पत्नी शाजिया अभी कहां है, वह भड़क गया. उसने कहा कि उसकी पत्नी के बारे में पूछने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है.
 
हालांकि कुछ सवालों के जवाब देते हुए उसने कहा, शाजिया अब भी कानूनी रूप से मेरी पत्नी है. मैं यह खुलासा नहीं करना चाहता कि शाजिया इस समय कहां है. मैं अपनी पत्नी शाजिया के बारे में किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता. वह कभी भारत नहीं आई और उसने लश्कर के साथ अपने संबंध के बारे में उसे बताया था.
 
‘मेरी पत्नी के लश्कर से संबंध नहीं’
उसने कहा, शाजिया कभी भारत नहीं आई. वह मूल रूप से पाकिस्तानी है. मैंने शाजिया को लश्कर के साथ मेरे संबंध के बारे में बताया था. मुझे यह याद नहीं है कि मैंने उसे यह कब बताया था. जब खान ने हेडली से पूछा कि यह खुलासा करने के बाद शाजिया की क्या प्रतिक्रिया थी, उसने कहा, इस बारे में उसकी प्रतिक्रिया उसके और मेरे बीच की बात है. यह हमारा निजी रिश्ता है. मैं यह नहीं बताना चाहता कि उसने आपत्ति जताई थी या नहीं या उसने क्या कहा था. मैं इस बात को साझा नहीं करूंगा कि मेरे और मेरी पत्नी के बीच क्या हुआ. हालांकि उसने बताया कि उसकी पत्नी उसके नाम बदलने की योजना के बारे में जानती थी.
 
‘वह जानती थी कि मैं अपना नाम बदल रहा हूं’
हेडली ने कहा, वह जानती थी कि मैं अपना नाम दाऊद गिलानी से बदलकर डेविड कोलमैन हेडली रखने जा रहा हूं. जब खान ने हेडली से शाजिया के बारे में बार-बार प्रश्न पूछे तो विशेष सरकारी अभियोजक उज्ज्वल निकम ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि भारतीय साक्ष्य कानून की धारा 122 के तहत एक पति और पत्नी के बीच के संवाद को विशेषाधिकार प्राप्त है और इसके बारे में जानकारी देने की आवश्यकता नहीं है.
 
दोपहर 2 बजे तक होगी पूछताछ 
भारतीय समयानुसार हेडली से कोर्ट में दोपहर 2 बजे तक पूछताछ चलती रहेगी. हेडली ने कोर्ट को यह भी बताया कि तहव्वुर राणा को इस बात की जानकारी नहीं थी कि वह लश्कर-ए-तैयबा के संपर्क में है.
 
डॉक्युमेंट्स के बारे में किया सवाल
वकिल वहाब खान ने हेडली से उन डॉक्युमेंट्स के बारे में पूछा, जिनका जिक्र उसने प्रॉसिक्यूटर के सवाल का जवाब देते वक्त किया था. हेडली ने कहा कि उसने शिकागो कोर्ट में मई 2011 में करीब 30-40 बार हुई अपनी गवाही के दौरान भी इसका जिक्र किया था.
 
‘लश्कर के साथ मेरे संबंध के बारे में जानता था राणा’
अबू जुंदाल के वकील वहाब खान ने जब हेडली से राणा के बारे में पूछा तो उसने कहा, ‘‘राणा लश्कर के साथ मेरे संबंध के बारे में जानता था. मैंने उसे लश्कर के सदस्यों को मेरे द्वारा दिए जाने वाले प्रशिक्षण के बारे में बताया था. मैंने राणा को बताया था कि मैं लश्कर के लिए जासूसी कर रहा हूं. यह मुंबई हमलों से चार या पांच महीने पहले की बात है.’’