नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाहारलाल नेहरु यूनिवर्सिटी छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की जमानत रद्द करने संबंधी याचिका पर आज सुनावाई होगी. बता दें कि कन्हैया 6 महीने की अंतरिम जमानत पर जेल से रिहा हुए हैं लेकिन उनकी इस जमानत के खिलाफ कोर्ट में याचिका डाली गई. याचिका में कहा गया है कि रिहा होने के बाद कन्हैया ने नियम कानून का पालन नहीं किया है और जो भी भाषणबाजी की है उसमें देश विरोधी बातें भी की गईं. 
 
याचिकाकर्ता प्रशांत कुमार उमराव ने आरोप लगाया कि कन्हैया लगातार राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लगा है, क्योंकि उसने सार्वजनिक रूप से यह आरोप लगाया कि भारतीय सशस्त्र सेना के जवान कश्मीर में महिलाओं के साथ बलात्कार कर रहे हैं.
 
क्या है मामला?
बता दें कि संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी का विरोध करने के लिए जेएनयू में नौ फरवरी को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम के दौरान भारत विरोधी नारे लगाए गए, जिसके बाद जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को 12 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया गया. फिलहाल दिल्ली उच्च न्यायालय ने उसे छह महीने की अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया.