नई दिल्ली. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने जेएनयू में राष्ट्रविरोधी नारों के आरोपी कन्हैया कुमार की तुलना शहीद भगत सिंह से की है.  थरूर ने कहा कि राष्ट्रवाद अब केवल इससे तय किया जाता है कोई व्यक्ति ‘भारत माता की जय’ कहता है या नही. शशि थरूर ने जेएनयू में कथित देशद्रोही नारे लगाने के आरोपी कन्हैया को आज का भगत सिंह बताया.

भारत माता की जय नारे लगाने या नहीं लगाने पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों जो सही लगता है उसे चुनने का अधिकार होना चाहिए और दूसरों के विचारों को सहन किया जाना चाहिए.

थरूर ने कहा कि आजकल राष्ट्रवाद इससे तय होता है कि कोई व्यक्ति ‘भारत माता की जय’ कहता है कि नही. मुझे यह कहने में खुशी है, लेकिन क्या हमें सभी को ऐसा कहने के लिए मजबूर करना चाहिए.

शशि थरूर ने महाराष्ट्र विधानसभा से AIMIM विधायक वारिस पठान के निलंबन का समर्थन करने के कांग्रेस विधायकों के कदम को शर्मनाक करार दिया.

थरूर ने कांग्रेस विधायकों के कदम को शर्मनाक बताते हुए कहा कि ये कांग्रेस नेतृत्व का ये स्टैंड नहीं है और शायद विधायकों को ये लगा होगा कि विरोध करने पर कहीं उन्हें भी देशविरोधी ना ठहरा दिया जाए.

देश की विविधता को देश की पहचान बताते हुए थरूर ने मोदी सरकार से लेकर सुब्रमनियम स्वामी तक को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि राजद्रोह का कानून बदलना चाहिए. 9 फरवरी की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए थरूर ने कहा कि कुछ गुमराह छात्रों के द्वारा देशविरोधी नारों के मुकाबले देश कहीं ज्यादा मजबूत है.

थरूर से पहले JNU छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया ने भी सभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि NSUI के कार्यक्रम में थरूर के साथ मौजूद होने का मतलब ये नहीं कि वो कांग्रेस ज्वाइन कर रहे हैं. कन्हैया ने अपने अंदाज में एक बार फिर मोदी सरकार और RSS पर तीखे हमले किए. बिना नाम लिए अनुपम खेर को जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि किसी की एक्टिंग अच्छी लगती है इसका ये मतलब नहीं कि उसके कहे मुताबिक ब्रैंड का तेल खरीदें.