गुवाहाटी. असम में बीजेपी गठबंधन में शामिल दलों ने कहा है कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस को सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए एकजुट हुए हैं. बीजेपी गठबंधन में शामिल असम गण परिषद और बोडो पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने सभी कार्यकर्ताओं से बीजेपी की जीत सुनिश्चित कराने की अपील की है. साथ ही कहा है कि स्वच्छ और भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन मुहैया कराने के लिए गठबंधन किया गया है. तीनों दलों ने विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है. बीजेपी 88 सीटों पर जबकि अगप 24 और बीपीएफ 14 सीटों पर लड़ने जा रहे हैं. 
 
बीजेपी और अगप में गठबंधन होने से दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष है. यही नहीं दोनों दल टूट के भी शिकार हो गए हैं. अगप के असंतुष्ट कार्यकर्ताओं ने अगप क्षेत्रीय फोरम का गठन कर लिया है जबकि इस गठबंधन से खफा बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने तृणमूल बीजेपी बना ली है. दोनों दलों से अलग हुए धड़ों ने कुछ विधानसभा क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार खड़ा करने का निर्णय लिया है.
 
अगप के अध्यक्ष अतुल बोरा ने कहा, “मैं स्वीकार करता हूं कि कुछ मुद्दों पर हमलोगों में मतभेद हैं. हम लोग उस मतभेद को खत्म करने के लिए प्रयास कर रहे हैं. मैं इसे असंभव नहीं मानता. हम कांग्रेस को सत्ता से बाहर रखने के मुख्य मकसद से एक साथ हुए हैं.” 
 
असम की जनता बदलाव चाहती है और बीजेपी ने पहल की है. हमलोगों ने कांग्रेसमुक्त असम के लिए इसका समर्थन किया है. अगप अध्यक्ष अतुल बोरा, असम बीजेपी के अध्यक्ष सर्बानंद सोनोवाल और बीपीएफ प्रमुख हेगराम मोहिलारी ने संबोधित किया. तीनों दल एकजुट तो हो गए हैं लेकिन इस तीनों को अभी न्यूनतम साझा कार्यक्रम तय करना है. 126 विधानसभा क्षेत्रों वाले असम में 4 एवं 11 अप्रैल को मतदान होना है.