नई दिल्ली. सतलज यमुना लिंक नहर के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को आज बड़ा झटका दिया. कोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए इस मामले में यथास्थिति बनाए रखने को कहा है. अदालत ने दो टूक कहा कि अगर आदेश का पालन नहीं होगा तो हम मूकदर्शक नहीं रह सकते.

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को झटका देते हुए सतलज यमुना लिंक नहर मामले पर रिसीवर नियुक्त कर दिया है. कोर्ट ने केंद्रीय गृह सचिव, पंजाब के गृह सचिव और पंजाब के डीजीपी को ज्वाइंट रिसीवर बनाया है. इनसे साफ कहा गया है कि कोर्ट के आदेश का हर हाल में पालन हो।

कोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने देने की कोशिश की जा रही है. इसलिए इस मामले पर हम मूकदर्शक नहीं बने रह सकते. पंजाब सरकार ने पड़ोसी राज्यों का पानी रोकने के लिए सतलज यमुना लिंक नहर के निर्माण के लिए अधिकृत की गई 3928 एकड़ जमीन उसके मालिकों को वापस सौंपने का बिल पास किया है.

पंजाब सरकार का दावा है कि 2004 और 2016 के हालात में बड़ा फर्क आ चुका है. अब पहाड़ों पर बर्फ बहुत तेजी से पिघल चुकी है, नदियों में पानी कम है ऐसे में हरियाणा को पानी नहीं दिया जा सकता. इसलिए इस नहर के निर्माण की जरूरत नहीं है.

राज्यपाल ने इस बिल को अभी मंजूरी नहीं दी है. लेकिन पटियाला और रोपड़ जिलों में कई जगहों पर जमीन मालिकों ने जमीन पर कब्जा लेना शुरू कर दिया. कई जगहों पर नहर के ढांचे को भरने के लिए जेसीबी मशीन तक के इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है.