पोखरा. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि दक्षिण एशियाई देशों को विकास के लिए आपसी संपर्क बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने यह बात दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के देशों के मंत्रियों के सम्मेलन में कही. सुषमा ने कहा, ‘संपर्क ही हमारे विकास का केंद्र है और यही तय करेगा कि हमारे विकास, रोजगार और समृद्धि के लक्ष्य कैसे पूरे होंगे’. 
 
उन्होंने कहा है कि संपर्क की बुनियादी समस्याओं को दूर करना जरूरी है. रेल और सड़क संपर्क के लंबित समझौतों को जल्द से जल्द पूरा करना महत्वपूर्ण है. इससे आर्थिक गतिविधियों, सांस्कृतिक संबंध और लोगों का एक दूसरे से संपर्क में तेजी आएगी. 
 
सुषमा ने दक्षिण एशिया के देशों के बारे में जिक्र करते हुए कहा है कि यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है. उन्होंने कहा, ‘यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है. हमने अपनी अर्थव्यवस्थाओं को एकीकृत करने के लिए साफ्टा (साउथ एशियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) और साउथ एशियन ट्रेड इन सर्विस एग्रीमेंट के माध्यम से महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. अगर हम एक दक्षिण एशियाई आर्थिक संघ पाना चाहते हैं तो उसके लिए हमें अपनी अर्थव्यवस्थाओं को विकसित और एकीकृत करने की जरूरत है’.
 
सुषमा ने व्यापार पर बात करते हुए कहा कि दक्षेस देशों का आपस में व्यापार वैश्विक व्यापार का महज 6 फीसदी है. वहीं अंतरक्षेत्रीय एफडीआई खाता कुल एफडीआई का महज 3 फीसदी है. उन्होंने भारत सरकार के लक्ष्य का जिक्र करते हुए बताया कि भारत सरकार का सबका साथ सबका विकास का नारा पूरे दक्षेस क्षेत्र पर भी लागू होता है. 
 
बैठक में सार्क देशों के छात्रों की पढ़ाई के मुद्दे पर बात करते हुए सुषमा ने कहा कि भारत के विश्वविद्यालयों के दरवाजें दक्षेस देशों के सभी स्टुडेंट्स के लिए खुले हैं. उन्होंने कहा, ‘हम साउथ एशियन विश्वविद्यालय के परिसर और अवसंरचना को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है. क्योंकि इसका गठन सार्क देशों के छात्रों को ध्यान में रखकर किया गया है’.
 
सुषमा ने भारत में दक्षेस पर्यावरण और आपदा प्रबंधन संस्थान की स्थापना के लिए अन्य सभी देशों से सहयोग की मांग की है.
 
बता दें कि इससे पहले सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेशी संबंध सलाहकार सरताज अजीज की यहां पोखरा में गुरुवार सुबह मुलाकात हुई थी. उनकी यह मुलाकात नेपाल के उप प्रधानमंत्री कमल थापा की ओर से आयोजित नाश्ते पर हुई थी. सुषमा और सरताज 37वें दक्षेस मंत्री परिषद की बैठक में शामिल होने के लिए बुधवार को पोखरा पहुंचे थे.