नई दिल्ली. बैंकों से नौ हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेकर लंदन गए विजय माल्या अप्रैल के पहले हफ्ते में भारत लौट सकते हैं. माल्या ने प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष बयान रिकॉर्ड कराने के लिए उससे अप्रैल महीने की शुरुआत में समय मांगा है.

माल्या 2 मार्च को देश से बाहर गए थे और उनके खिलाफ केंद्र सरकार की विभिन्न एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने 18 मार्च को उन्हें मुंबई स्थित ईडी दफ्तर में पेश होने के लिए समन जारी किया था.

माल्या ने लंदन से इस समन का जवाब देते हुए ईडी से अप्रैल की शुरुआत में कोई तारीख देने को कहा है ताकि वो इस मामले में आकर अपना बयान दर्ज करा सकें. माल्या ने कहा कि वे अपने बिजनेस के सिलसिले में पहले से तय कार्यक्रम के तहत देश से बाहर गए थे और अप्रैल की शुरुआत से पहले देश वापस नहीं आ सकते है. इसलिए उन्हें तभी की कोई तारीख दी जाए ताकि वे ईडी दफ्तर आकर जांच एजेंसी के सवालों के जवाब दे सकें.

विजय माल्या पर 17 बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है जो अब एनपीए में बदल चुका है. बैंक किसी भी सूरत में ये कर्ज वसूलना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उधर ईडी ने भी माल्या के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें कर्ज के रूप में मिली रकम के उपयोग की जांच शुरू कर दी है.