पुणे. जर्मन बेकरी बम धमाके में दोषी आतंकी हिमायत बेग की फांसी पर मुंबई हाईकोर्ट ने आज अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया है. 
 
हिमायत बेग को फांसी की सजा दी गई थी. जिसके खिलाफ उसने हाईकोर्ट  में याचिका दायर की थी. करीब चार महिने से इस मामले के सभी पहलूओं पर सुनवाई करने के बाद जस्टिस एन एच पाटिल और जस्टिस एस बी शूकरे की खंडपीठ ने दिसंबर 2015 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. 
 
बता दें पुणे के जर्मन बेकरी में 13 फरवरी 2010 को हुए ब्लास्ट में 17 लोगों की मौत हुई थी. इस ब्लास्ट में 58 लोग घायल भी हुए थे. हिमायत बेग को सितंबर 2010 में गिरफ्तार किया गया था. मामले में सिर्फ एक आरोपी हिमायत बेग ही गिरफ्तार हुआ था. बेग को इंडियन मुजाहिद्दीन का सदस्य बताया गया था. इस धमाके में मरने वालों में 4 विदेशी नागरिक भी शामिल थे. दिसंबर 2010 में जांच अधिकारी ने इस मामले में 2500 पन्नों की रिपोर्ट फाइल की थी. इस रि‍पोर्ट में शेख लालबाबा मोहम्मद हुसैन उर्फ बिलाल बेग के अलावा 6 अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था.
 
आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन (IM) ने धमाके को अंजाम दिया था. धमाके की साजिश इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकी हिमायत बेग ने यासीन भटकल के साथ मिलकर रची थी. धमाके में आरडीएक्स, अमोनियम नाइट्रेट, पेट्रोलियम हाईड्रोकार्बन ऑयल, बाल बेयरिंग और आईईडी का इस्तेमाल किया गया था