नई दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली गुरुवार को इस विषय पर टिप्पणी करने से कन्नी काट गए कि केंद्र की बीजेपी सरकार शराब कारोबारी विजय माल्या को भगोड़ा मान रही है या नहीं. उन्होंने हालांकि आश्वासन दिया कि माल्या से उस ऋण की पाई-पाई वसूली जाएगी, जो उन्होंने सरकारी बैंकों से लिया है.
 
माल्या से जुड़े विवाद पर एक कार्यक्रम में एक सवाल के जवाब में जेटली ने कहा कि देश की प्रत्येक एजेंसी चाहे ईडी हो या फिर जांच एजेंसी, इस दिशा में काम कर रही है. शराब कारोबारी माल्या ने 17 बैंकों से 9,000 करोड़ रुपये का ऋण लिया है, जिनमें से अधिकांश बैंक सरकारी हैं. 
 
माल्या इस महिने की शुरुआत में लंदन चले गए थे. उन पर हजारों करोड़ रुपये का बैंक ऋण जानबूझकर न चुकाने का आरोप है. जेटली ने माल्या के बारे में कहा, “तथ्य बिल्कुल साफ हैं. प्रत्येक सरकारी एजेंसी उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी. बैंक एक-एक पाई वसूलने के लिए जी-जान लगा देंगे.” 
 
भारतीय स्टेट बैंक(एसबीआई) की अगुवाई में एक संघ मुंबई के जोगेश्वरी इलाके में स्थित माल्या के किंगफिशर हाउस को नीलाम करने की योजना बना रहा है. संघ इसके जरिए माल्या पर बनने वाली 7,000 करोड़ रुपये की देनदारी की वसूली करना चाह रहा है.