चेन्नई. तमिनाडु एवं पुडुचेरी के मछुआरों ने राज्य में आने वाले विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान किया है. मछुआरों ने धमकी दी है कि अगर केंद्र ने श्रीलंका में गिरफ्तार मछुआरों और नौकाओं को रिहा नहीं कराया तो मजबूरन उन्हें यह कदम उठाना पड़ेगा.
 
मछुआरा संघ के अध्यक्ष राजेंद्रन ने कहा कि द्वीपीय देश के जलक्षेत्र में मछली पकड़ने के आरोप में श्रीलंका की नौसेना ने सिर्फ 2015 में तमिलनाडु एवं पुडुचेरी के विभिन्न हिस्सों से तकरीबन 70 मछुआरों को गिरफ्तार किया है. पिछले साल श्रीलंका के अफसरों ने मछुआरों की मछली पकड़ने की 90 नौकाओं को भी जब्त किया है. 
 
उन्होंने कहा कि अगर केंद्र 15 अप्रैल से पहले मछुआरों और नौकाओं की रिहाई के लिए कदम नहीं उठाता है तो तमिलनाडु एवं पुडुचेरी के मछुआरे विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे. साथ ही आंदोलन भी शुरू करेंगे.
 
क्या है मामला?
श्रीलंका ने 28 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया जिसमें श्रीलंकाई पुलिस का कहना था कि ये मछुआरे समुद्री जल सीमा का उल्लंघन कर रहे थे. मछुआरों के साथ उनकी नौकाओं को भी जब्त कर लिया गया. पुलिस ने मछुआरों पर आरोप लगाते हुए बताया कि ये सभी मछुआरें श्रीलंका की जल सीमा में घुसकर मछलियों की चोरी कर रहे थे.
 
जानकारी है कि मछुआरों की गिरफ्तारी मन्नार शहर की समुद्री सीमा के पास से की गई है जो क्षेत्र श्रीलंका के अंतर्गत आता है. गिरफ्तार किए गए सभी मछुआरों की उम्र 15 से 56 के बीच है.