मुंबई. शिवसेना के मुखपत्र सामना में  देश के करीब 17 बैंकों को 9000 करोड़ का चूना लगाने वाले बिजनेसमैन विजय माल्या को ‘आर्थिक आतंकवादी’ बताया गया है. शिवसेना ने सामना में केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा है.

शिवसेना ने सभी पार्टियों पर हमला बोलते हुए कहा है कि कई नेताओं और अधिकारियों ने विजय माल्या का नमक खाया है इस लिए देश से भागने में उसकी मदद की गई. सामना में लिखा है कि विजय माल्या देश का आर्थिक आतंकवादी है, जिसे केंद्र ने विदेश भागने दिया.

सामना में लिखा गया है कि ‘देश के कानून की पुंगी बजाकर धर्मात्मा विजय माल्या देश से भाग गए.’ केंद्र सरकार ने बड़े ही गर्व और अभिमान के साथ माल्या के भागने की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी.

शिवसेना ने कहा है कि कर्ज देने का राष्ट्रीय कार्यक्रम यूपीए के कार्यकाल में और डुबाकर भाग जाने का कार्यक्रम एनडीए सरकार के कार्यकाल में हुआ. शिवसेना ने महाराष्ट्र के सूखा प्रभाविच क्षेत्रों के किसानों का दुख बयान किया.

सामना में कहा गया है कि किसान कर्ज वसूली से परेशान होकर आत्महत्या कर रहा है विजय माल्या की तरह देश छोड़कर भागता नहीं है और भाग भी जाए तो पुलिस उसे घसीटते हुए जेल में डाल देगी.

सामना में कहा गया है कि विजय माल्या और ललित मोदी के लिए देश में अलग कानून चलता है. सभी क्षेत्रों के लोगों ने विजय माल्या की सेवा की है, किसी ने कर्ज दिया, किसी ने कर्ज डूबने दिया और किसी ने उसकी देश से बाहर भाग जाने में मदद की. देश की अर्थव्यवस्था को चौपट करना आतंकवाद और राष्ट्रद्रोह है.

शिवसेना ने कहा कि दाऊद को हिंदुस्तान लाया जाए, इसके लिए सरकार पाकिस्तान से याचना कर रही है. लेकिन उसी सरकार की आंखों के सामने व्हाइट कॉलर आर्थिक आतंकवादी भाग गया.