नई दिल्ली. जेएनयू एक विवाद खत्म हो जाता है दूसरा शुरू हो जाता है. जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाए जाने का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ है कि इस बीच यूनिवर्सिटी के पीएचडी छात्र ने आत्‍महत्‍या कर ली है. आत्महत्या करने वाले स्टूडेंट की पहचान 25 वर्षीय दुष्यंत के रूप में हुई है. वह यूपी के बरेली का रहने वाला था.
 
पुलिस को मौके पर से सुसाइड नोट भी मिला है. सुसाइड नोट में आत्महत्या की वजह निजी समस्या बताया गया है. पुलिस का कहना है कि छात्र के सुसाइड को जेएनयू के वर्तमान मामले से जोड़ना बिल्कुल गलत होगा. 
 
दरअसल, जेएनयू में पीएचडी की पढ़ाई कर रहा दुष्यंत अपने दोस्तों के साथ यूनिवर्सिटी के पास ही बेरसराय में किराये के कमरे में रहता था. इस 9 कमरों वाली बिल्डिंग में  वह पहले फ्लोर में उसने एक कमरा किराए पर ले रखा था. इसी कमरे में उसने पंखे से लटककर फांसी लगाई. उसके परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई है. इस बिल्डिंग में सभी छात्र और नौकरीपेशा लोग किराए पर रहते थे.
 
बता दें कि इन दिनों जेएनयू में देशविरोधी नारेबाजी की वजह से माहौल गरमाया हुआ है. देशद्रोह के आरोप में 12 फरवरी को गिरफ्तार जेएनयू के छात्र नेता कन्हैया को गुरुवार को तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा किया गया. दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें छह माह की अंतरिम जमानत दी थी.
 
इससे पहले 26 वर्षीय दलित शोध छात्र रोहित वेमुला को 17 जनवरी को हैदराबाद यूनिवर्सिटी के हॉस्टल के कमरे में लटका पाया गया था. वेमुला शोध कर रहे उन पांच छात्रों में एक था जिन्हें पिछले साल अगस्त में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेता पर हमले के बाद यूनिवर्सिटी ने सस्पेंड कर दिया था. वेमुला की मौत के बाद संसद से लेकर सड़क तक विरोध प्रदर्शन किया गया और इसका असर जेएनयू में भी देखने को मिला.