नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा में जाट आरक्षण की मांग को लेकर हुएआंदोलन की आग में झुलसे हरियाणा के नाम एक खुला खत लिखा है. केजरीवाल ने हरियाणावासियों के नाम पत्र लिखकर स्वार्थी नेताओं से सावधान और आपसी भाईचारे को न जलने देने की मार्मिक अपील की है.

पत्र में केजरीवाल ने क्या लिखा ?

‘मेरी जाति हिंदूस्तानी, इंसानियत ही मेरा देश धर्म. मैं आपका भाई, आपका बेटा हरियाणा के लोगों से हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहा हूं पिछले दिनों हरियाणा में जो हुआ उससे मैं बहुत दुखी हूं. हम सभी के लिए ये बिल्कुल ऐसा है जैसे किसी बच्चे ने बड़ी मेहनत से अपना घर बनाया और उसे किसी ने तोड़ दिया. प्रदेश के हर कोने से दुख पहुंचाने वाली घटनाएं सुनने को मिल रही थी. मैं यकीन नहीं कर पा रहा था कि यह वही हरियाणा है जिसके भाईचारे की मिसाल पूरे देश में दी जाती थी.

वीर शहीद सरदार भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, बिस्मिल, अशफाक, आजाद और हरियाणा के शहीदों व महापुरुषों ने इसलिए अपनी कुर्बानी नहीं दी थी कि आपस में झगड़े, बल्कि उन्होंने इसलिए कुर्बानी दी थी कि हम अपने समाज व देश को इकट्ठा रख एकजुट कर आगे बढ़े. कितनी माताओं ने अपने लाल खो दिए. किसी बहन ने अपना भाई, किसी पत्नी ने अपना पति तो किसी पिता ने अपने बेटे को खो दिया. कितने ही लोगों की जीवनभर की कमाई जलकर राख हो गई. कितनों के घर स्वाहा हो गए, कितने ही लोगों का सबकुछ लुट गया.

एक तरफ हरियाणा का कैप्टन पवन कुमार हमारे देश की रक्षा के लिए आतंकवादियों से लड़ रहा था तो हम आपस में ही लड़ रहे थे. आम आदमी के बीच एक-दूसरे के प्रति विश्वास की कमी हो गई है हमें फिर से इस डर और अविश्वास को खत्म कर त्याग और बलिदान करके भाईचारा बनाना होगा. अरविंद ने आगे लिखा है कि यह सब राजनीतिज्ञ धूर्तों का किया धरा है. जैसा मैंने पहले निवेदन किया था कि इनकी गंदी राजनीति से बचकर रहना. ये आपसी भाईचारे के खिलाफ साजिश करेंगे. जैसे पिछले दिनों खबर आई कि फलां पार्टी के एक नेता का दंगे भड़काने के लिए कथित आडियो टेप आया है तो दूसरी किसी पार्टी के नेता ने भी लाठियां तैयार रखने के लिए बोला था.

सरकार हाथ पर हाथ धरकर बैठी रही. यह सब हरियाणा सरकार की कायरता की कहानियां हैं. वहीं दूसरी ओर, केंद्र सरकार धृतराष्ट्र बनकर सब देखती रही. अब समय राजनीति करने का नहीं भाइयों, राजनीति से ऊपर उठकर अपने हरियाणा को फिर से संवारेंगे. हमारा समाज मोतियों की माला है और हमें पूरा विश्वास है कि हरियाणा के लोग इसे देशभक्ति की माला में फिर से पिरोएंगे. आगे लिखा गया है कि मेरी जाति हिन्दुस्तानी है और इंसानियत ही मेरा देश धर्म है.

हरियाणा शूरवीरों की जन्मभूमि है और हम उसी हिम्मत और साहस के साथ फिर से उठ खड़े होंगे. हरियाणा के युवा, बुजुर्ग, महिला, लड़कियां, छात्र, मजदूर,व्यापारी, जवान और किसान जिनके दम पर हरियाणा दुनिया में चमकता था. हरियाणा के लोगों ने चाहें वे खेल का मैदान हों या सीमा पर जंग का मैदान हो, इस प्रदेश का नाम देश ही नहीं बल्कि दुनिया में नाम रोशन किया है. हरियाणा को फिर से एकजुट करना है. अब ये जिम्मेदारी प्रदेश के पूरे समाज की है. सामाजिक संगठनों, अच्छे राजनेताओं के साथ-साथ हरियाणा के जोशिले युवाओं के हाथों में हैं. अब जाति-धर्म और क्षेत्र की बात कर समाज को बांटने वाले को रोकना होगा और इंसानियत की बात बतानी होगी.

भगवान से प्रार्थना है कि हरियाणा के मेहनतकश और इतने हिम्मती लोग समाज में घोली गई नफरत की जहरीली हवा को साफ कर देंगे ताकि हमारे बच्चों को स्वच्छ वातावरण मिल सके और उन्हें अच्छा भविष्य दे सकें. इस दुख की घड़ी में मैं आपके लिए हर समय आपके साथ हूं. मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि हर व्यक्ति जिसका जान-माल का नुक्सान हुआ है उसे बिना भेदभाव और बिना देरी किए मुआवजा दिया जाए. मैं अपने हरियाणा के भाइयों से प्रार्थना करता हूं कि आपस में फिर से वहीं भाईचारा और सहयोग का भाव दिखाएं. अंत में मेरा बस यही संदेश है कि हर इंसान का इंसान से हो भाईचारा. यही हरियाणा को संदेश हमारा.’