नई दिल्ली. 17 बैंकों के 9 हजार करोड़ बिना चुकाए देश छोड़कर भागने वाले विजय माल्या का मुद्दा आज राज्यसभा में भी उठा. वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि माल्या मामले की जांच सीबीआई कर रही है. उन पर 9 हजार करोड़ का कर्ज बकाया था. उन्हें यूपीए सरकार के समय लोन मिले. उनके खातों की तारीख बताती है कि उनके मददगार कौन थे ?

इस मामले पर सरकार की कार्रवाई पर जेटली ने कहा कि उनकी जो भी संपत्ति भारत में है, उसे जब्त करने की तैयारी चल रही है. उनसे बैंक एक-एक पैसा वसूल करेंगे. जब वह भारत छोड़कर गए तब तक उन्हें रोकने का कोई आदेश नहीं था.

इस पर कांग्रेस के सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि UPA ने कभी भी विजय माल्या के लिए लोन की सिफारिश नहीं की. जब सरकार को अंदेशा था तो वह कैसे भाग गए ? माल्या कोई सूईं नहीं जो दिखेंगे नहीं. उन्हें भगाने में मदद करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.