नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने श्री श्री रवि शंकर के ‘आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन’ द्वारा आयोजित किए जाने वाले तीन दिवसीय ‘वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल’ की तैयारियों में पांच बड़ी खामियां उजागर की हैं. इसका आयोजन राष्ट्रीय राजधानी में यमुना खादर क्षेत्र में किया जा रहा है. इनमें सबसे बड़ी खामी संरचनात्मक मजबूती का अभाव है. गृह एवं शहरी विकास मंत्रालय को हाल ही में पुलिस ने जो रिपोर्ट सौंपी है उसमें इन खामियों के कारण कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है. रिपोर्ट से इसका भी खुलासा हुआ है कि इस कार्यक्रम की बुनियादी जरूरत संरचनात्मक मजबूती के बारे में अभी संबंधित प्राधिकरण से स्वीकृति प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाना है.
 
दिल्ली पुलिस ने किया मुआयना
दिल्ली पुलिस ने इस आयोजन में शामिल अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ आयोजन स्थल का मुआयना किया है. फाउंडेशन ने इस कार्यक्रम से जुड़ी प्रचार सामग्री में इसमें 35 लाख लोगों के भाग लेने की बात कही है, जबकि बुधवार को हरित न्यायाधिकरण से कहा है कि इस समारोह में केवल तीन लाख के करीब लोग आएंगे. आयोजन स्थल करीब एक हजार एकड़ में फैला है.
 
5 बड़ी खामियां
 
1. मंच की मजबूती
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं अन्य महत्वपूर्ण लोगों के भाग लेने की उम्मीद है. इसलिए जो मंच तैयार किया गया है वह कितना मजबूत है यह महत्वपूर्ण मुद्दा है. 
 
 
2. कानून-व्यवस्था बनाए रखना
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “दिल्ली पुलिस पर प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी के साथ शहर की कानून-व्यवस्था बनाए रखने की भी जिम्मेदारी है. इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई है. “
 
3. पुलों की कमी
कार्यक्रम स्थल तक जाने के लिए जो रास्ते हैं वह भी दिल्ली पुलिस की चिंता के सबब हैं. क्योंकि यमुना नदी पर जितने अस्थाई पुल बनाए गए हैं वे कार्यक्रम के आयोजकों ने जितना वादा किया था उसके आधे हैं. सात की जगह सिर्फ दो पुल बने हैं जबकि कार्यक्रम शुरू होने में मात्र दो दिन शेष हैं. जो बने भी हैं उन पर रेलिंग नहीं है. जो खतरनाक साबित हो सकता है. लोग सीधे नदी में गिर सकते हैं.
 
 
4. आतंकी घुसपैठ
इसके अलावा रिपोर्ट में लोगों के बीच आतंकियों के भी घुसपैठ करने की आशंका जताई जा रही है. खुफिया ब्यूरो की जानकारी के अनुसार पाकिस्तान के गुजरात सीमा के जरिये 10 संदिग्ध आतंकी घुसे हैं. 
 
5. पार्किंग की कमी
गाड़ियां खड़ी करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है. आयोजकों का दावा है कि करीब 10-12 हजार कारें आयोजन स्थल पर पहुंचेंगी. इसे देखते हुए गृह मंत्रालय ने पुलिस को कार्यक्रम को बहुत सावधानी और पर्याप्त उपाय करते हुए संभालने को कहा है.