लखनऊ. शिवालिक नगर के रेसिडेंटल एरिया में घुसे तेंदुआ को आखिरकार वन विभाग के ऑफिसर्स ने मार गिराया. इस तेंदुए ने शिवालिक नगर में लगभग सात घण्टो तक कोहराम मचाए रखा था. तेंदुए को पकड़ने में चलाए गए ऑपरेशन में दो फॉरेस्ट ऑफिसर्स भी घायल हो गए. 
 
बता दें रविवार सुबह करीब आठ बजे एक तेंदुआ यहां बाबू रावत की गौशाला में आ गया जिसमें उसने गाय पर हमला कर दिया. इसके बाद घर के सदस्यों ने उसपर डंडों से हमला कर दिया. 
 
इस बीच तेंदुआ वहां से भाग कर पास ही अमर कॉलोनी स्थित एक खेत में जा घुसा. थोड़ी ही देर में पूरे इलाके में यह खबर आग की तरह फैल गई. पहले तो तेंदुए को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां इकट्ठा हुए लेकिन उसके हमलों की जानकारी होते ही घरों की ओर चल पड़े. सूचना पाते ही वन और पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे.
 
ऑफिसर्स हुए घायल
टीम ने तेंदुए को पकड़ने की कई बार कोशिशें की लेकिन सफलता नहीं मिली. करीब तीन बजे स्पेशलिस्ट खेतों में छुपे तेंदुए को ट्रैंक्युलाइज करने के लिए इंजेक्शन फायर किए. 
 
इस बीच 20 मिनट के बाद फॉरेस्ट ऑफिसर्स ने जैसे ही तेंदुए की ओर जाल फेंका लेकिन वह जाल में नहीं फंसा. तेंदुए के जाल में न फंसने पर उसने पास खड़े लैंसडौन वन डिपार्टमेंट ऑफिसर नरेंद्र रावत पर हमला कर दिया. हमले में दो ऑफिसर्स गंभीर रूप से घायल हो गए. उनके पेट और पीठ पर तेंदुए के पंजों और दांत के निशान पाए गए हैं.