नई दिल्ली. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) विवाद की उच्चस्तरीय जांच कमेटी की रिपोर्ट जल्द से जल्द जारी करने की मांग की है. जेएनयू में लगे भारत विरोधी नारों के मामले की जांच के लिए 11 फरवरी को कमेटी का गठन किया गया था. 
 
जेएनयू छात्र संघ के संयुक्त सचिव व एबीवीपी के सदस्य सौरभ शर्मा ने कहा, “जांच कमेटी ने 9 फरवरी को हुई घटना की जांच रिपोर्ट अब तक क्यों जारी नहीं की है? क्या वह किसी समूह का दबाव झेल रहा है? जब तीन सदस्यीय कमेटी का पहले ही गठन किया गया था, फिर उसका विस्तार क्यों किया गया.” 
 
शर्मा ने कहा, “माना जा रहा था कि रिपोर्ट तीन मार्च को जारी हो जाएगी, लेकिन आज पांच मार्च है और अभी तक रिपोर्ट जारी नहीं की गई है. मैं कुलपति से मांग करता हूं कि जितनी जल्दी हो सके रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए.” 
 
बता दें कि संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी का विरोध करने के लिए जेएनयू में नौ फरवरी को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम के दौरान भारत विरोधी नारे लगाए गए, जिसके बाद जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को 12 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया गया. दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे छह महीने की अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया. 
 
शर्मा ने कहा कि एबीवीपी सात मार्च को वसंत कुंज (उत्तरी) पुलिस थाने का घेराव करेगी और 9 फरवरी के कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों की पहचान की मांग करेगी. उन्होंने यूनिवर्सिटी के शिक्षकों पर 10 विद्यार्थियों को पनाह देने का आरोप लगाया, जो 9 फरवरी को हुए कार्यक्रम के आयोजन के हिस्सा थे. 
 
एबीवीपी के दिल्ली के सचिव साकेत बहुगुणा ने कहा, “जेएनयू के रजिस्ट्रार ने खुद कहा है कि नौ फरवरी को एक वीडियो रिकॉर्ड की गई थी. उस वीडियो को जांच का प्रारंभिक सबूत माना जाना चाहिए.”