नई दिल्ली. देश विरोधी नारेबाजी के आरोपी कन्हैया कुमार ने अंतरिम जमानत मिलने के बाद  दूसरे दिन जेएनयू में प्रेस कॉंफ्रेंस कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. कन्हैया ने कहा कि जेएनयू के छात्र देश को बनाने का काम करते हैं, हम संविधान के दायरे में रहकर विरोध करते रहेंगे. मुझे कानून पर पूरा भरोसा है.

संविधान के अनुसार चलें पीएम मोदी- कन्हैया

कन्हैया ने आगे कहा कि देश के प्रधानमंत्री से हमें कोई मतभेद नहीं है हमें उनसे सिर्फ मनभेद है. कन्हैया ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान के साथ खिलवाड़ करने वालों की साजिश नाकाम हुई है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री संविधान के अनुसार चलें.

अफजल देश का नागरिक था- कन्हैया

अफजल गुरु के सपोर्ट पर कन्हैया ने कहा कि मेरे लिए भारत का एक नागरिक था, जम्मू-कश्मीर का निवासी था, कानून ने सजा दी और वही कानून सजा पर बोलने की इजाजत देता है. हालांकि, कन्हैया ने कहा कि मेरा आइकन अफजल नहीं रोहित वेमुला है.

बेकार नहीं जाएगी रोहित की शहादत- कन्हैया

कन्हैया ने आगे कहा कि मैं नेता नहीं हूं एक विद्यार्थी हूं. मेरा आदर्श अफ़जल गुरू नहीं बल्कि रोहित वेमुला है. कन्हैया कुमार ने कहा कि रोहित वेमुला की शहादत बेकार नहीं जाएगी. उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि उमर, अनिर्बान पर देशद्रोह का केस ना चले.

देश की एकता और अखंडता को मजबूत करना चाहते हैं- कन्हैया

जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा कि हम देश की एकता और अखंडता को मजबूत करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जेएनयू में कुछ बादल हैं वे जरूर छटेंगे और जेएनयू  में पढ़ने वाला कभी देशद्रोही नहीं हो सकता.