नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में थैंक यू मोशन पर भाषण दिया इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बुधवार को लोकसभा में बयान पर व्यंग्य कसते हुए कहा कि कुछ सांसद मनोरंजन भी कराते हैं, जिससे चलते विपक्ष के प्रतिभावान सांसद नहीं बोल पाते. उन्होंने कहा, कुछ लोगों की उम्र बढ़ती है सोच नहीं.

पीएम ने कहा कि सदन न चलने देने से देश का ही नुकसान होता है. उन्होंने कहा, ‘संसद न चलने देने से विपक्ष और देश का नुकसान होता है. बहस के दौरान संसद की गरिमा और मर्यादा बनी रहे. जनहित के तमाम बिल अटके पड़े हैं. बिल पास कराना देशहित में जरूरी है.’

पीएम ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अध्यादेश फाड़ने का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 27 सितंबर 2013 को हुई इस घटना को देश भुला नहीं सकता. गौरतलब है कि यूपीए सरकार के दौरान दागी नेताओं के चुनाव लड़ने से संबंधित कैबिनेट में एक अध्यादेश पास किया गया था, जिसे राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम के दौरान फाड़ दिया था, और वहां से तुरंत चले गए थे.

भाषण के आखिरी पलों में पीएम मोदी ने विपक्ष से कहा कि वो नए हैं, इसलिए जनता का विश्वास सरकार में कैसे बढ़ाया जाए, उसपर सुझाव दें. पीएम ने कहा कि हर क्षेत्र में एनडीए सरकार का काम कांग्रेस के बेहतर रहा है.

कांग्रेस की देन है गरीबी की जड़ें

पीएम ने कहा कि कांग्रेस ने देश में गरीबी की जड़ें जमा दी हैं. गरीबी, एनडीए सरकार की सफलता का स्मारक नहीं है. उन्होंने कहा कि 60 सालों में भी गरीबों का भला नहीं हुआ है. पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने कम गरीब राज्यों में मनरेगा का लाभ दिया जबकि असली गरीबों तक ये पहुंचने में असफल रहा, इसलिए गरीबी खत्म नहीं हो सकी है. उन्होंने कहा कि गरीब न होते, तो मनरेगा न होता.

सदन रोकने से किसी का भला नहीं

पीएम ने कहा कि हीन भावना की वजह से सदन को चलने नहीं दिया जा रहा है. हल्ला करने वालों को अपनी चिंता है. मोदी ने कहा कांग्रेस से कहा कि जीएसटी बिल भी उन्हीं का है, जिसे वो पास नहीं होने दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि सदन न चलने देने से किसी का भला नहीं होगा.

पीएम ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कई भाषणों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा देशहित को ऊपर रखा है. राहुल का नाम लिए बिना मोदी ने कहा कि बड़ों की बात माननी चाहिए.

पीएम मोदी ने कहा कि 8 मार्च को सदन में सिर्फ महिला सांसदों को बोलने का मौका दिया जाए. उन्होंने सभी पार्टियों से अनुरोध किया, कि उस दिन सिर्फ महिला सांसदों को बोलने दिया जाए.

राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई का मुद्दा गुरुवार को लोकसभा में भी उठा. व‍िपक्ष के नेता  मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में कहा कि तमिलनाडु सरकार की इन हत्यारों को रिहा करने की मंशा दुर्भाग्यपूर्ण है.

उन्होंने कहा, ‘अगर तमिलनाडु सरकार राजीव गांधी के हत्यारों को रिहा करने की बात करती है तो इससे ज्यादा बुरा कुछ नहीं हो सकता. देश की अखंडता के लिए ऐसे लोगों को रिहा करने लिए आए पत्र का सरकार को जवाब ही नहीं देना चाहिए.’