नई दिल्ली. मुंबई डांस बार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को आदेश देते हुए कहा है कि वह डांस बार को लाइसेंस जारी करे. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि डांस बार में सीसीटीवी का लाइव फुटेज नहीं दिया जा सकता.

नजदीकी थाने में लाइव फीड देने से बार गर्ल्स की सुरक्षा भी होगी

दरअसल मुंबई डांस बार मामले में महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा है कि सीसीटीवी कैमरे के जरिये डांस बार का नजदीकी पुलिस थाना में लाइव फीड देने से डांस बार संचालकों के ‘राइट टू प्राइवेसी’ अधिकार का उल्लंघन नहीं होगा. इस फीड से डांस बार में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा भी होगी. अक्सर महिलाएं डांस बार में लोगों के बर्ताव को लेकर शिकायत करती हैं.

डांस बार मालिकों ने इस दलील को नकारा

महाराष्ट्र सरकार ने अपने हलफनामे में डांस बार मालिकों की उस दलील को भी नकार दिया है कि सीसीटीवी फुटेज का लाइव प्रसारण नहीं हो सकता. सरकार ने कहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के लिए यह जरूरी है कि डांस बार में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं.

इन कैमरों को लगाने से डांस बार संचालकों के मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन नहीं होता है. अगर डांस बार में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं तो पुलिस किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत मौके पर पहुंच जाएगी और महिलाओं की सुरक्षा भी होगी. सीसीटीवी कैमरे की लाइव फीड से यह भी निगरानी होगी कि डांस बार के नाम पर कहीं अश्लीलता तो नहीं हो रही.

दरअसल महाराष्ट्र में डांस बार का लाइसेंस दिए जाने के लिए महाराष्ट्र सरकार की ओर से तय की गई नई शर्तों के विरोध में डांस बार संचालकों ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी. इसी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा था.