दिल्ली. पूर्व आइपीएल कमिश्नर ललित मोदी के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू हो गया है. एक स्पेशल कोर्ट ने ललित मोदी के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरु करने की अनुमती दे दी है. मनी लांड्रिंग के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने यह आदेश जारी किया है. बता दें कि निदेशालय ललित मोदी और अन्य के खिलाफ मनी लांड्रिंग संबंधी जांच कर रहा है.
 
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने विशेष अदालत के समक्ष ललित मोदी के ब्रिटेन से प्रत्यर्पण की मांग से संबंधित एक प्रार्थना पत्र दिया था. इसमें कहा गया था कि आइपीएल के पूर्व प्रमुख के खिलाफ पिछले साल अगस्त में इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था लेकिन उसका आज तक कोई परिणाम नहीं निकला. स्पेशल कोर्ट के जज पीआर भवाके इससे पहले ललित मोदी के खिलाफ इसी मामले में गैर जमानती वारंट भी जारी कर चुके हैं.
 
उन्होंने बताया कि ईडी अब प्रत्यर्पण का यह निवेदन विदेश मंत्रालय को भेजेगा. वहीं से इसे कार्यान्वित करने के लिए ब्रिटेन के अधिकारियों को भेजा जाएगा. ईडी के पास इस बात के पुख्ता सुबूत हैं कि ललित मोदी इस समय ब्रिटेन में ही हैं. इंटरपोल के अधिकारी मनी लांड्रिंग के मामले में ईडी से समय-समय पर अतिरिक्त जानकारी की मांग करते रहे हैं ताकि ललित मोदी के खिलाफ पूरे विश्व में मान्य वारंट जारी किया जा सके.
 
ईडी का दावा है कि 2009 में क्रिकेट टूर्नामेंट के विदेशों में प्रसारण के अधिकार देने में ललित मोदी ने बीसीसीआई-आइपीएल के साथ धोखाधड़ी की. ललित मोदी इन आरोपों से इंकार करते रहे हैं. उनके खिलाफ ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और एजेंसी चाहती है कि वह यहां आकर जांच में सहयोग करें.
 
बता दें कि पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष एन.श्रीनिवासन ने ललित मोदी और आधा दर्जन अन्य लोगों के खिलाफ चेन्नई पुलिस के पास धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इसके बाद ईडी ने स्वत: संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट दर्ज की थी.