नई दिल्ली. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में आम बजट पेश कर दिया है. बजट में कृषि और किसानों को ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण मानते हुए केंद्र सरकार की ओर से इन सेक्टरों के लिए किए गए प्रावधानों का इफको ने स्वागत किया है.

इफको का मानना है कि बजट के इन कदमों से देश के किसान मजबूत होंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी. साथ ही इफको ने उर्वरकों के संतुलित उपयोग के जरिए मिट्टी की उर्वरता को बढ़ावा देने और पायलट रूप में देश के कुछ जिलों में किसानों को खाद की सीधी सब्सिडी दिए जाने की घोषणा का स्वागत किया है.

इफको सरकार की इस योजना में हर कदम साथ रहेगी. इफको का मानना है कि सरकार को आने वाले दिनों में यूरिया पर भी किसानों को सीधी सब्सिडी देनी चाहिए. इस कदम से किसानों में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी औऱ किसान मजबूत होंगे.

इतना ही नहीं ग्रामीण इलाकों में राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन को बढ़ावा देने की योजना से उर्वरकों की सीधी सब्सिडी किसानों के खाते में भेजने की योजना में भी मदद मिलेगी.

बजट में किसानों के कल्याण के 35, 984 करोड़ रूपए के आवंटन का इफको स्वागत करती है. एकीकृत कृषि बाज़ार की बजट घोषणा को इफको किसानों के हित में एक बड़ा कदम मानती है. इससे एपीएमसी के दौर से किसान बाहर निकल कर खुली हवा में सांस ले सकेंगे.

सरकार ने कृषि और किसानों की दशा सुधारने के साथ ही ग्रामीण विकास पर भी अपना फोकस कायम किया है. यही वजह है कि ग्रामीण विकास के मद में सरकार ने बजट में 87,765 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है.

1 मई 2017 तक देश के सभी गांवों को विधुतीकरण से जोड़ने का लक्ष्य प्रशंसनीय है. इससे गांवों के बुनियादी ढांचे की मजबूती में मदद मिलेगी. ग्रामीण आधारभूत संरचना को बढ़ावा देने के मकसद से ही सरकार ने बजट में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के लिए 19 हज़ार करोड़ रूपए का प्रावधान किया है. पशुपालन, चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए साढ़े आठ हज़ार करोड़ रूपए के प्रावधान का भी इफको स्वागत करती है.